नौवे दिन बरामद हुआ राजस्थान के उड़ेला माइंस हादसे में लापता हुए रजडीहा के युवक का शव

स्थानीय थाना क्षेत्र के रजडीहा गांव निवासी तथा राजस्थान के अरवल जिले के उड़ेला माइंस हादसे में पोकलेन के साथ सैकड़ो फीट गहरे खाई में लापता हुए 25 वर्षीय रामांनद तिवारी का शव नौवे दिन शनिवार को बरामद कर लिया गया है। रेस्क्यू टीम ने एक बड़े चट्टान के बीच फंसे शव को पोकलेन मशीन के सहारे बाहर निकाला।

नौवे दिन बरामद हुआ राजस्थान के उड़ेला माइंस हादसे में लापता हुए रजडीहा के युवक का शव

-- छह फरवरी को पहाड़ कटिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया था रामानंद, चौथे दिन पानी भरे खाई से निकला था पोकलेन मशीन, पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर पैतृक गांव आएंगे स्वजन

केटी न्यूज/डुमरांव

स्थानीय थाना क्षेत्र के रजडीहा गांव निवासी तथा राजस्थान के अरवल जिले के उड़ेला माइंस हादसे में पोकलेन के साथ सैकड़ो फीट गहरे खाई में लापता हुए 25 वर्षीय रामांनद तिवारी का शव नौवे दिन शनिवार को बरामद कर लिया गया है। रेस्क्यू टीम ने एक बड़े चट्टान के बीच फंसे शव को पोकलेन मशीन के सहारे बाहर निकाला।शव मिलने के साथ ही रामानंद तिवारी पिता पारसनाथ तिवारी की मौत की पुष्टि हो गई। बावजूद स्थानीय प्रशासन ने शव को कब्जे में ले वहां के सदर अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पोस्टमार्टम करा शव को स्वजनों को सौंप दिया गया है। स्वजन शव लेकर गांव के लिए चल दिए है। 

-- क्या है घटना क्रम

बता दें कि रजडीहा गांव निवासी पारसनाथ तिवारी का सबसे छोटा पुत्र रामानंद तिवारी राजस्थान के अरवल जिले के रामगढ़ उड़ेला माइंस इलाके में पोकलेन मशीन से पहाड़ तोड़ने का काम कर रहा था। छह फरवरी शुक्रवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे वह पोकलेन मशीन से पहाड़ तोड़ रहा था, इसी दौरान पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा, जिसका वजन 50 टन से अधिक बताया जा रहा है, अचानक टूटकर पोकलेन पर गिर गया तथा रामानंद पोकलेन मशीन के साथ गहरे खाई में गिर गया। खाई में सैकड़ो फीट पानी भरा था, जिस कारण रेस्क्यू में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

इधर राजस्थान के साथ ही बक्सर की मीडिया ने इस घटना को सुर्खियों से प्रकाशित कर राजस्थान सरकार का ध्यान इस हादसे की ओर आकृष्ट कराया, जिसके बाद लापता रामानंद की तलाश में राजस्थान सरकार के साथ ही केन्द्रीय एजेंसियों को लगाया गया।हादसे के चौथे दिन चुंबक के सहारे पानी में डूबे पोकलेन मशीन को निकाल लिया गया था, जबकि पांचवे दिन रामानंद का एक जूता खाई से बाहर मिला था। शुक्रवार को भी उसकी तलाश में गहरे खाई में उतरे रेस्क्यू टीम को उसका दूसरा जूता मिला। जिसके बाद रेस्क्यू टीम ने खाई से पानी की निकासी शुरू करवाई। करीब 15-20 फीट पानी निकलाने के बाद उसका शव दो चट्टानों के बीच फंसा नजर आया, जिसके बाद रेस्क्यू टीम ने पोकलेन व जेसीबी के सहारे शव को बाहर निकाला।

-- पीड़ित परिवार में मचा कोहराम, माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल

इधर घटना के बाद से ही रामानंद के स्वजन किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन शव बरामद होने के साथ ही उनकी उम्मीदे धूमिल हो गई। शव मिलने की जानकारी के बाद से ही स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। सबसे खराब स्थिति पिता रामानंद तिवारी तथा माता सीता देवी का है। जबकि बहन सिंपल कुमारी, बड़े भाईयों नित्यानंद तिवारी व सदानंद तिवारी भी शव मिलने के बाद से बदहवास हो चुके है।