आशा पड़री पंचायत के उपमुखिया पर जानलेवा हमला, मुखिया पुत्रों पर लग रहा है आरोप
आशा पड़री पंचायत के मुखिया दीपनारायण सिंह तथा उप मुखिया दिनेश तिवारी के बीच चली आ रही सियासी लड़ाई अब हिंसक रूख अख्तियार कर चुकी है। पंचायत के विवाद में मंगलवार की शाम करीब छह बजे मुखिया दीपनारायण के पुत्रों ने उप मुखिया दिनेश तिवारी पर जानलेवा हमला किया है। इस दौरान लोहे के राड से उनकी जमकर पिटाई की गई है। जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है तथा सिमरी सीएचसी में प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
-- देर शाम आशा पड़री के चुन्नीटांड़ मोड़ की है घटना, हालत गंभीर, प्राथमिक इलाज के बाद किए गए रेफर
केटी न्यूज/सिमरी
आशा पड़री पंचायत के मुखिया दीपनारायण सिंह तथा उप मुखिया दिनेश तिवारी के बीच चली आ रही सियासी लड़ाई अब हिंसक रूख अख्तियार कर चुकी है। पंचायत के विवाद में मंगलवार की शाम करीब छह बजे मुखिया दीपनारायण के पुत्रों ने उप मुखिया दिनेश तिवारी पर जानलेवा हमला किया है। इस दौरान लोहे के राड से उनकी जमकर पिटाई की गई है। जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है तथा सिमरी सीएचसी में प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।जानकारी के अनुसार उप मुखिया दिनेश तिवारी अपने गांव स्थित चुन्नीटांड़ मोड़ के पास शाम करीब छह बजे किसी से बात कर रहे थे, इसी दौरान नगवां गांव निवासी व मुखिया दीप नारायण सिंह के दोनों पुत्र मनू सिंह व रवि सिंह वहां आ धमके तथा उपमुखिया की लोहे के राड से पिटाई शुरू कर दी।

अचानक हुए हमले में उप मुखिया को बचने का मौका नहीं मिला था तथा वे लहूलुहान हो गए। हमला करने के बाद दोनों भाग खड़े हुए।बता दें कि दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चला रहा है तथा पूर्व में भी मुखिया पुत्रों ने पंचायत समिति की बैठक में शामिल होने के बाद वापस आशा पड़री लौट रहे उप मुखिया दिनेश तिवारी को जान मारने की नियत से पीछा किया गया था। तब उप मुखिया किसी तरह अपनी जान बचाने मे सफल रहे थे। गौरतलब हो कि यह विवाद तब शुरू हुआ था जब उममुखिया की योजना की जांच मुखिया दीप नारायण सिंह ने की थी तथा उसमें खामियां निकाली थी। इसके बाद उप मुखिया ने भी लगे हाथ मुखिया की योजनाओं की जांच के लिए कई जगहों पर आवेदन दिया था। जिसके बाद से इस पंचायत मे मुखिया व उप मुखिया के बीच सियासी जंग शुरू हो गई थी, जिसका परिणाम मंगलवार को हिंसक हमले के रूप मे सामने आया है।

इस घटना के बाद एक बार फिर से आशा पड़री पंचायत की राजनीति गरमा गई है। वहीं, दोनों तरफ से गुटबंदी भी तेज हो गई है। वहीं, उप मुखिया पर जानलेवा हमले के बाद उनके समर्थकों में आक्रोश गहरा गया है, जबकि पंचायत मे हिंसा-प्रतिहिंसा की आशंका तेज हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। फिलहाल उपमुखिया द्वारा किसी तरह का आवेदन नहीं दिया गया है, बावजूद पुलिस अपने स्तर से मामले की जांच कर रही है। उप मुखिया पर हमले की चर्चा पूरे प्रखंड क्षेत्र में हो रही है।

