औचक छापेमारी में अवैध खनन पर बड़ा प्रहार: हाईवा जब्त, एफआईआर दर्ज, 8 लाख शमन शुल्क और 25 गुना रॉयल्टी दंड

जिले में अवैध खनन के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन के स्पष्ट निर्देश और “शून्य सहनशीलता” की नीति के तहत 10 जनवरी को खनन विभाग की टीम ने नावानगर थाना क्षेत्र में औचक छापेमारी कर अवैध मिट्टी खनन एवं परिवहन का पर्दाफाश किया। कार्रवाई के दौरान बिना वैध अनुज्ञप्ति और ई-चालान के मिट्टी का परिवहन कर रहे एक ट्रक (हाईवा) को जब्त कर लिया गया, जबकि संबंधित वाहन के विरुद्ध नावानगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

औचक छापेमारी में अवैध खनन पर बड़ा प्रहार: हाईवा जब्त, एफआईआर दर्ज,  8 लाख शमन शुल्क और 25 गुना रॉयल्टी दंड

केटी न्यूज/बक्सर

जिले में अवैध खनन के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन के स्पष्ट निर्देश और “शून्य सहनशीलता” की नीति के तहत 10 जनवरी को खनन विभाग की टीम ने नावानगर थाना क्षेत्र में औचक छापेमारी कर अवैध मिट्टी खनन एवं परिवहन का पर्दाफाश किया। कार्रवाई के दौरान बिना वैध अनुज्ञप्ति और ई-चालान के मिट्टी का परिवहन कर रहे एक ट्रक (हाईवा) को जब्त कर लिया गया, जबकि संबंधित वाहन के विरुद्ध नावानगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

-- बिना अनुमति चल रहा था खनन और परिवहन

खनन विभाग की जांच में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि जब्त हाईवा द्वारा अवैध रूप से मिट्टी का खनन कर उसका परिवहन किया जा रहा था। वाहन के पास न तो खनन से संबंधित कोई वैध लाइसेंस था और न ही परिवहन के लिए आवश्यक ई-चालान। यह कृत्य खनन अधिनियम एवं खनन नियमावली का गंभीर उल्लंघन पाया गया। अधिकारियों ने मौके पर ही वाहन को जब्त कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

-- आर्थिक दंड से माफिया पर प्रहार

नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए खनन विभाग ने संबंधित वाहन स्वामी या चालक पर 8 लाख का शमन शुल्क अधिरोपित किया है। इसके साथ ही अवैध रूप से निकाली गई मिट्टी पर देय रॉयल्टी का 25 गुना दंड भी लगाया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह दंड इसलिए लगाया गया है ताकि अवैध खनन में संलिप्त लोगों को कड़ा संदेश दिया जा सके और भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

-- थाना में एफआईआर, आगे भी होगी कार्रवाई

वाहन जब्ती के साथ-साथ नावानगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

-- जिला प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। नदियों, खेतों और सरकारी भूमि से अवैध रूप से मिट्टी, बालू या अन्य खनिजों के दोहन से पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंचती है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सतत निगरानी व्यवस्था लागू कर रखी है। खनन विभाग, पुलिस प्रशासन और अंचल स्तर के अधिकारियों को संयुक्त रूप से नियमित छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं।

-- वैध प्रक्रिया अपनाने की सख्त हिदायत

प्रशासन की ओर से खनन और खनिज परिवहन से जुड़े सभी लोगों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि वे केवल वैध अनुज्ञप्ति, निर्धारित क्षेत्र और ई-चालान के माध्यम से ही खनन एवं परिवहन का कार्य करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वाहन जब्ती, प्राथमिकी और भारी आर्थिक दंड जैसी कठोर कार्रवाई तय है।

-- अवैध खनन पर नहीं होगी कोई रियायत

अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक शुरुआत है। जिले में अवैध खनन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और पर्यावरण तथा राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।