राजस्थान हादसा: चौथे दिन खाई से निकाला गया पोकलेन मशीन, लापता रामानंद की तलाश जारी
राजस्थान के अरवल जिले के रामगढ़ उड़ेला माइंस हादसे में पोकलेन मशीन के साथ सैकड़ो फीट गहरे खाई में लापता हुए डुमरांव थाना क्षेत्र के रजडीहा गांव निवासी रामानंद तिवारी का पता चौथे दिन भी नहीं चल पाया है।
-- डुमरांव थाना क्षेत्र के रजडीहा गांव का रहने वाला है माइंस दुर्घटना में लापता युवक, चार दिनों से घर में नहीं जला है चूल्हा
केटी न्यूज/डुमरांव
राजस्थान के अरवल जिले के रामगढ़ उड़ेला माइंस हादसे में पोकलेन मशीन के साथ सैकड़ो फीट गहरे खाई में लापता हुए डुमरांव थाना क्षेत्र के रजडीहा गांव निवासी रामानंद तिवारी का पता चौथे दिन भी नहीं चल पाया है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने केन्द्रीय सहयोग तथा कई क्रेनों के सहारे पहाड़ टूटने से खाई में गिरी पोकलेन मशीन को मंगलवार को बाहर निकाल लिया है। वहीं, पोकलेन चला रहे रामानंद तिवारी की तलाश जारी है। बता दें कि यह हादसा शुक्रवार की शाम साढे़ पांच बजे हुआ था, जिसमें पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूट खाई में गिर गया, जिसमें रामानंद तिवारी पोकलेन मशीन के साथ खाई में गिर गया था।खाई में सैकड़ो फीट पानी जमा होने से राहत व बचाव कार्य में विलंब हो रहा था।इधर चौथे दिन भी लापता रामानंद का सुराग नहीं मिलने से स्वजनों की चिंता बढ़ गई है।

स्वजन किसी अनहोनी की आशंका से सहमेें हुए है। लापता युवक के पिता पारसनाथ तिवारी ने बताया कि ठेकेदार उसकी तलाश में मदद नहीं कर रहा है। इसके अलावे भी उन्हाेने ठेकेदार पर कई गंभीर आरोप लगाए और बताया कि उसका तीन महीने की मजदूरी बकाया था, जिसे ठेकेदार दे नहीं रहा था। पारस तिवारी ने बताया कि उससे अंतिम बातचीत जब हुई थी, तब उसने कहा था कि 10 फरवरी को ठेकेदार उसके बकाया मजदूरी देने की बात कहा है, पैसा मिलते ही मैं 11 फरवरी को गांव के लिए चल दूंगा, लेकिन इसी बीच वह माइंस में हादसे का शिकार हो गया। वहीं, युवक के लापता होने के बाद से उसके घर चूल्हे नहीं जले है। माता-पिता के अलावे परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता पारसनाथ तिवारी ने राज्य सरकार से अपने बेटे की तलाश में मदद की गुहार लगाई है।

