वीकेएस कृषि महाविद्यालय में स्टार्टअप वर्कशॉप, विद्यार्थियों को सिखाए सफल पिच डेक तैयार करने के गुर
वी.के.एस. कृषि महाविद्यालय, डुमरांव के स्टार्टअप सेल की ओर से सोमवार को 'पिच डेक प्रिपरेशन वर्कशॉप' का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं नवोदित उद्यमियों को ऐसे प्रभावी प्रस्तुतीकरण (पिच डेक) तैयार करने का प्रशिक्षण देना था, जिसके माध्यम से वे अपने स्टार्टअप आइडिया को निवेशकों के समक्ष बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सकें और वित्तीय सहयोग प्राप्त करने की संभावनाएं बढ़ा सकें।

__ विशेषज्ञों ने बताया—नवाचार, मजबूत बिजनेस मॉडल और प्रभावी प्रस्तुति से निवेशकों को किया जा सकता है आकर्षित
केटी न्यूज/बक्सर
वी.के.एस. कृषि महाविद्यालय, डुमरांव के स्टार्टअप सेल की ओर से सोमवार को 'पिच डेक प्रिपरेशन वर्कशॉप' का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं नवोदित उद्यमियों को ऐसे प्रभावी प्रस्तुतीकरण (पिच डेक) तैयार करने का प्रशिक्षण देना था, जिसके माध्यम से वे अपने स्टार्टअप आइडिया को निवेशकों के समक्ष बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सकें और वित्तीय सहयोग प्राप्त करने की संभावनाएं बढ़ा सकें।कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पारस नाथ ने किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कृषि, तकनीक और नवाचार का समन्वय ही युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा कर सकता है। विद्यार्थियों को पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर नए विचारों को व्यवसाय के रूप में विकसित करने का प्रयास करना चाहिए।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित ज्योत्सना वर्मा, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, बक्सर ने बिहार सरकार की विभिन्न स्टार्टअप योजनाओं की जानकारी देते हुए युवाओं से इनका अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार नवाचार आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ लेकर युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं।कार्यशाला का आयोजन स्टार्टअप सेल के फैकल्टी इंचार्ज डॉ. सी. एस. प्रभाकर के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान विष्णु सिंह, जिला स्टार्टअप सेल समन्वयक, बक्सर ने बिहार के स्टार्टअप इकोसिस्टम, सरकारी सहयोग योजनाओं और युवा उद्यमियों के लिए उपलब्ध अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सही मार्गदर्शन, नवाचार और योजनाबद्ध रणनीति के माध्यम से स्टार्टअप को सफल बनाया जा सकता है।

तकनीकी सत्र का संचालन बक्सर के स्टार्टअप 'रिसाइक्लिंग बाजार' के संस्थापक प्रशांत गौतम ने किया। उन्होंने प्रभावी पिच डेक तैयार करने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि किसी भी स्टार्टअप की सफलता के लिए समस्या की स्पष्ट पहचान, उसके व्यावहारिक समाधान, मजबूत बिजनेस मॉडल, बाजार की संभावनाओं का आकलन, वित्तीय अनुमान तथा निवेशकों के समक्ष प्रभावशाली प्रस्तुति बेहद महत्वपूर्ण होती है।कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विशेषज्ञों से अपने प्रश्न पूछकर विभिन्न विषयों पर जानकारी हासिल की। प्रतिभागियों ने इसे ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और व्यावहारिक अनुभव बताया। महाविद्यालय प्रशासन ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन नियमित रूप से किए जाएंगे, ताकि युवाओं में नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिल सके तथा बिहार को स्टार्टअप के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा सके।

