विश्व आर्द्रभूमि दिवस पर गोकुल जलाशय में गूंजा संरक्षण का संदेश
विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर सोमवार को भोजपुर वन प्रमंडल, आरा के तत्वावधान में गोकुल जलाशय के समीप दल्लूपुर घाट पर जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आर्द्रभूमियों के संरक्षण, जैव विविधता की महत्ता तथा जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों के प्रति आमजन को जागरूक करना रहा। आयोजन स्थल पर छात्र-छात्राओं, ग्रामीणों, पर्यावरण प्रेमियों और जनप्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति ने कार्यक्रम को प्रभावशाली बनाया।
-- भोजपुर वन प्रमंडल के तत्वावधान में दल्लूपुर घाट पर जागरूकता कार्यक्रम, 131 छात्रों ने पेंटिंग व निबंध प्रतियोगिता में लिया भाग
केटी न्यूज/ब्रह्मपुर
विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर सोमवार को भोजपुर वन प्रमंडल, आरा के तत्वावधान में गोकुल जलाशय के समीप दल्लूपुर घाट पर जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आर्द्रभूमियों के संरक्षण, जैव विविधता की महत्ता तथा जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों के प्रति आमजन को जागरूक करना रहा। आयोजन स्थल पर छात्र-छात्राओं, ग्रामीणों, पर्यावरण प्रेमियों और जनप्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति ने कार्यक्रम को प्रभावशाली बनाया।कार्यक्रम के दौरान आर्द्रभूमियों की पारिस्थितिकी भूमिका, भू-जल संरक्षण, प्रवासी पक्षियों के संरक्षण और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

वक्ताओं ने बताया कि आर्द्रभूमियां जलवायु संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ जैव विविधता का प्रमुख आधार हैं और इनके संरक्षण से प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को भी कम किया जा सकता है।आयोजन के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के कुल 131 छात्र-छात्राओं ने पेंटिंग एवं निबंध प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने रंगों और शब्दों के माध्यम से आर्द्रभूमियों के महत्व, स्वच्छ जल स्रोतों और पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कृत किया गया। इससे बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति विशेष उत्साह और जागरूकता देखने को मिली।

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। आसपास के ग्रामीणों और नागरिकों ने सक्रिय सहयोग प्रदान कर आयोजन को सफल बनाया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी साहिला एवं भोजपुर वन प्रमंडल, आरा के वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रद्युम्न गौरव उपस्थित रहे। उनके साथ वन विभाग के अन्य अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ भी शामिल हुईं।जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि आर्द्रभूमियाँ प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं।

इनके संरक्षण से न केवल पर्यावरण संतुलन बना रहता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव भी मजबूत होती है। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से आर्द्रभूमि संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।वहीं वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रद्युम्न गौरव ने कहा कि आर्द्रभूमियों का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों की भागीदारी से यह संदेश समाज में और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि वन विभाग भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित करता रहेगा।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने आर्द्रभूमि संरक्षण, जल स्रोतों को प्रदूषण से मुक्त रखने और प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर विकास करने का संकल्प लिया।
