मानसून की दस्तक के साथ धान की नर्सरी की तैयारी में जुटे किसान

प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में किसानों ने खरीफ मौसम की मुख्य फसल धान की नर्सरी की तैयारियां तेज कर दी हैं। खेतों की जुताई, पाटा चलाने तथा धान की नर्सरी के लिए किसान दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। हालांकि क्षेत्र में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण किसानों को निजी पंपसेटों का सहारा लेना पड़ रहा है।

मानसून की दस्तक के साथ धान की नर्सरी की तैयारी में जुटे किसान

केटी न्यूज/केसठ। 

प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में किसानों ने खरीफ मौसम की मुख्य फसल धान की नर्सरी की तैयारियां तेज कर दी हैं। खेतों की जुताई, पाटा चलाने तथा धान की नर्सरी के लिए किसान दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। हालांकि क्षेत्र में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण किसानों को निजी पंपसेटों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके बावजूद किसानों में बेहतर उत्पादन की उम्मीद बनी हुई है।प्रखंड के विभिन्न इलाकों में खेतों को तैयार करने का कार्य तेजी से चल रहा है। किसान धान की नर्सरी तैयार करने के लिए खेतों में पानी की व्यवस्था कर रहे हैं ताकि समय पर रोपाई का कार्य पूरा किया जा सके।

कई किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन की सफलता काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है।यदि समय पर और पर्याप्त वर्षा हुई तो इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार होने की संभावना है।किसान दिनेश महतो ने बताया कि धान की खेती की तैयारी शुरू कर दी गई है। बारिश कम होने के कारण निजी पंपों से सिंचाई कर खेतों में नमी बनाए रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि मौसम ने साथ दिया तो किसानों को बेहतर उत्पादन मिलेगा। वहीं किसान संतोष आर्य ने बताया कि धान की बुआई का यह महत्वपूर्ण समय है और किसान पूरी मेहनत के साथ खेतों में जुटे हुए हैं। समय पर वर्षा होने से सिंचाई की लागत भी कम होगी और फसल को लाभ मिलेगा।

किसान हरेन्द्र सहित अन्य किसानों ने बताया कि डीजल और सिंचाई पर बढ़ते खर्च के बावजूद खेती का कार्य जारी है। किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मानसून सक्रिय होगा और खेतों में पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। इससे धान की रोपाई का कार्य भी सुचारू रूप से संपन्न होगा।कृषि जानकारों के अनुसार धान की अच्छी पैदावार के लिए शुरुआती चरण में पर्याप्त नमी और समय पर वर्षा आवश्यक है। फिलहाल किसान मौसम की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं और अच्छी बारिश की उम्मीद के साथ खेतों में मेहनत कर रहे हैं। क्षेत्र में कृषि गतिविधियां तेज होने से गांवों में खरीफ सीजन की रौनक भी दिखाई देने लगी है।