मुकदमों से भड़का गुमटी आंदोलन, मोर्चा ने दी फिर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

इटाढ़ी रेलवे गुमटी खोलने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में अब नया मोड़ आ गया है। आंदोलन स्थगित होने के बाद आंदोलनकारियों और आम नागरिकों पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने से दलित-अतिपिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा में नाराजगी है।

मुकदमों से भड़का गुमटी आंदोलन, मोर्चा ने दी फिर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

__ चार-पांच दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर उतरने का ऐलान, प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवाल

केटी न्यूज/बक्सर। 

इटाढ़ी रेलवे गुमटी खोलने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में अब नया मोड़ आ गया है। आंदोलन स्थगित होने के बाद आंदोलनकारियों और आम नागरिकों पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने से दलित-अतिपिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा में नाराजगी है। मोर्चा ने मुकदमों को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस दिशा में शीघ्र पहल नहीं हुई तो चार-पांच दिनों के भीतर आंदोलन को फिर से तेज किया जाएगा।मोर्चा के जिला संयोजक सरोज राजभर ने रविवार को कहा कि इटाढ़ी गुमटी खोलने की मांग को लेकर स्थानीय लोग चरणबद्ध आंदोलन कर रहे थे। इसी दौरान रेल पुलिस के एएसपी भास्कर रंजन और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के साथ आंदोलनकारियों की वार्ता हुई थी। मोर्चा का दावा है कि वार्ता में मिले आश्वासन के बाद सात अगस्त को आंदोलन को स्थगित कर दिया गया था।

सरोज राजभर ने आरोप लगाया कि आंदोलन समाप्त करने के दौरान प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया गया था। इसके बावजूद आंदोलन में शामिल लोगों के साथ आम नागरिकों पर भी प्राथमिकी दर्ज कर दी गई। इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि गुमटी बंद रहने के कारण पहले से ही लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में समस्या का समाधान करने के बजाय मुकदमे दर्ज करना उचित नहीं है।मोर्चा ने रेल रोको अभियान के दौरान महिलाओं के साथ कथित बदसलूकी के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। सरोज राजभर ने कहा कि यदि मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो मोर्चा आंदोलन को और व्यापक करेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन दोबारा शुरू होने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी रेलवे सुरक्षा बल और जिला प्रशासन की होगी।