पड़रिया के दो सपूत बने सेना के अफसर, मेहनत और संस्कार की मिसाल बने अतुल-अंबुज

स्थानीय प्रखंड के परमानपुर पंचायत अंतर्गत पड़रिया गांव के लिए यह पल गर्व और खुशी से भरा है। गांव के किसान परिवार से निकलकर दो सगे भाइयों ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर न केवल अपने माता-पिता बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अशोक कुमार सिंह के पुत्र अतुल कुमार सिंह और अंबुज कुमार सिंह की इस सफलता को लोग कड़ी मेहनत, अनुशासन और मजबूत संस्कारों का परिणाम मान रहे हैं।

पड़रिया के दो सपूत बने सेना के अफसर, मेहनत और संस्कार की मिसाल बने अतुल-अंबुज

केटी न्यूज/नावानगर

स्थानीय प्रखंड के परमानपुर पंचायत अंतर्गत पड़रिया गांव के लिए यह पल गर्व और खुशी से भरा है। गांव के किसान परिवार से निकलकर दो सगे भाइयों ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर न केवल अपने माता-पिता बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अशोक कुमार सिंह के पुत्र अतुल कुमार सिंह और अंबुज कुमार सिंह की इस सफलता को लोग कड़ी मेहनत, अनुशासन और मजबूत संस्कारों का परिणाम मान रहे हैं।

बड़े भाई अतुल कुमार सिंह ने 13 दिसंबर को देहरादून स्थित प्रतिष्ठित इंडियन मिलिट्री एकेडमी से पासिंग आउट परेड के बाद लेफ्टिनेंट पद प्राप्त किया। वहीं छोटे भाई अंबुज कुमार सिंह भी सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं और वर्तमान में प्रशिक्षणरत हैं। उनका पासिंग आउट परेड अगले वर्ष 12 दिसंबर को प्रस्तावित है। दोनों भाइयों के गांव आगमन पर रविवार को पड़रिया में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया, मिठाइयां बांटी गईं और अखंड हरिनाम कीर्तन का आयोजन कर ईश्वर का आभार प्रकट किया गया। परिवार के अनुसार दोनों भाइयों की सफलता के पीछे पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन और देशसेवा की भावना रही है।

इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त दादा रामायण सिंह ने शुरू से ही दोनों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया। माता आरती देवी ने गृहस्थी संभालते हुए बच्चों के सपनों को संबल दिया। दोनों भाइयों ने अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता, दादा और गुरु के. के. मिश्रा को दिया। आज अतुल और अंबुज क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। उनकी सफलता ने यह संदेश दिया है कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन से देश की सेवा के सर्वाेच्च मंच तक पहुंचा जा सकता है।