आस्था बनाम विज्ञान: गोपालडेरा में ‘नाग दर्शन’ से उमड़ी भीड़, विशेषज्ञों ने बताया प्राकृतिक कारण
डुमरांव प्रखंड के गोपालडेरा गांव में इन दिनों एक कोबरा सांप को लेकर आस्था और विज्ञान के बीच दिलचस्प स्थिति बनी हुई है। गांव के एक झाड़ीदार स्थान से बार-बार कोबरा के निकलने की घटना ने इलाके को धार्मिक रंग में रंग दिया है। ग्रामीण इसे ‘नाग देवता’ का चमत्कार मान रहे हैं, जबकि विशेषज्ञ इसे पूरी तरह प्राकृतिक व्यवहार बता रहे हैं।
-- एक ही झाड़ी से बार-बार निकल रहा कोबरा बना चर्चा का केंद्र, ग्रामीण पूजा में जुटे, स्नैक रेस्क्यूवर बोले धूप सेंकने की सामान्य प्रक्रिया
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव प्रखंड के गोपालडेरा गांव में इन दिनों एक कोबरा सांप को लेकर आस्था और विज्ञान के बीच दिलचस्प स्थिति बनी हुई है। गांव के एक झाड़ीदार स्थान से बार-बार कोबरा के निकलने की घटना ने इलाके को धार्मिक रंग में रंग दिया है। ग्रामीण इसे ‘नाग देवता’ का चमत्कार मान रहे हैं, जबकि विशेषज्ञ इसे पूरी तरह प्राकृतिक व्यवहार बता रहे हैं।ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से दोपहर के समय एक ही जगह से कोबरा बाहर निकलता है, कुछ देर फन फैलाकर बैठता है और फिर वापस झाड़ियों में चला जाता है। बुधवार की दोपहर भी ऐसा ही दृश्य देखने को मिला। मौके पर मौजूद किसी युवक ने इसका वीडियो बना लिया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद आसपास के गांवों से भी लोग ‘दर्शन’ के लिए पहुंचने लगे।

घटना के बाद गांव का माहौल पूरी तरह धार्मिक हो गया है। महिलाएं ढोलक और झाल के साथ सोहर गा रही हैं। श्रद्धालु अगरबत्ती जलाकर फूल चढ़ा रहे हैं। कुछ लोग इसे भगवान शिव के प्रतीक नाग देवता का प्रकट होना मान रहे हैं। वहीं, कई ग्रामीणों ने उस स्थान पर छोटा मंदिर बनाने की मांग भी उठा दी है।इधर, जिले के जीव प्रेमी और स्नैक रेस्क्यूवर हरिओम चौबे ने इस पूरे घटनाक्रम को अंधविश्वास से जोड़कर देखने से बचने की अपील की है। उन्होंने बताया कि सांप शीत-रक्त (कोल्ड ब्लडेड) जीव होते हैं। सर्दियों में वे सुस्त रहते हैं, लेकिन फरवरी में तापमान बढ़ने और तेज धूप निकलने पर वे ऊर्जा प्राप्त करने के लिए खुले स्थानों पर आकर धूप सेंकते हैं। संभवतः उसी कारण कोबरा बार-बार उसी सुरक्षित स्थान से बाहर आ रहा है।

हरिओम चौबे ने बताया कि सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे और सांप को सुरक्षित पकड़ भी लिया था। हालांकि, वहां मौजूद बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इसे नाग देवता बताते हुए सांप को छोड़ने का आग्रह किया। लोगों की भावनाओं को देखते हुए उन्होंने सावधानीपूर्वक सांप को उसी स्थान पर छोड़ दिया।फिलहाल गोपालडेरा में यह घटना कौतूहल और आस्था का केंद्र बनी हुई है। प्रशासन और विशेषज्ञ लोगों से अपील कर रहे हैं कि सांप से दूरी बनाए रखें और किसी भी तरह की छेड़छाड़ से बचें, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।

