एनएच-319 पर प्रशासन का सख्त एक्शन, फोरलेन निर्माण को लेकर जमीन पर उतरी सरकार

एनएच-319 फोरलेन सड़क निर्माण को लेकर वर्षों से चली आ रही असमंजस और अटकलों पर अब प्रशासनिक कार्रवाई ने विराम लगा दिया है। बुधवार को प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दे दिया कि यह परियोजना अब केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जमीन पर उतरेगी। अपर भू-अर्जन पदाधिकारी कौशर इमाम के नेतृत्व में पुलिस बल और जेसीबी मशीन के साथ प्रशासनिक टीम घरोही क्षेत्र पहुंची और प्रस्तावित फोरलेन मार्ग के लिए भूमि सीमांकन कार्य की औपचारिक शुरुआत की।

एनएच-319 पर प्रशासन का सख्त एक्शन, फोरलेन निर्माण को लेकर जमीन पर उतरी सरकार

-- सीमांकन शुरू होते ही टूटी वर्षों की अनिश्चितता, मुआवजा और निर्माण प्रक्रिया को मिली रफ्तार

केटी न्यूज/चौसा

एनएच-319 फोरलेन सड़क निर्माण को लेकर वर्षों से चली आ रही असमंजस और अटकलों पर अब प्रशासनिक कार्रवाई ने विराम लगा दिया है। बुधवार को प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दे दिया कि यह परियोजना अब केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जमीन पर उतरेगी। अपर भू-अर्जन पदाधिकारी कौशर इमाम के नेतृत्व में पुलिस बल और जेसीबी मशीन के साथ प्रशासनिक टीम घरोही क्षेत्र पहुंची और प्रस्तावित फोरलेन मार्ग के लिए भूमि सीमांकन कार्य की औपचारिक शुरुआत की।सीमांकन कार्य शुरू होते ही यह साफ हो गया कि अब परियोजना को टालने की गुंजाइश नहीं बची है।

प्रशासन की मौजूदगी में संबंधित भूखंडों की विधिवत मापी कर यह चिन्हित किया जा रहा है कि किस भू-स्वामी की कितनी भूमि अधिग्रहित होगी। अधिकारियों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी रखा जा रहा है ताकि मुआवजा निर्धारण के समय किसी प्रकार का विवाद या भ्रम उत्पन्न न हो।राजस्व कर्मियों की मौजूदगी में हो रहे सीमांकन कार्य के दौरान पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम एहतियातन उठाया गया है ताकि सर्वेक्षण के दौरान शांति और व्यवस्था बनी रहे।

अधिकारियों ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों और भू-स्वामियों से सहयोग की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि निशानदेही पूरी तरह नियमों और सरकारी दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है।प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सीमांकन कार्य फोरलेन परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे पहले कनकनारायनपुर विद्यालय परिसर में आयोजित बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी नवीन कुमार ने साफ कहा था कि जब तक भूमि सर्वे और सीमांकन पूरा नहीं होगा, तब तक मुआवजा निर्धारण संभव नहीं है।

उन्होंने यह भी घोषणा की थी कि आगामी 19 तारीख से प्रमंडलीय आयुक्त के निर्देश पर विशेष शिविर लगाया जाएगा, जहां भू-स्वामी अपनी आपत्तियां, दावे और दस्तावेज प्रस्तुत कर सकेंगे।सीमांकन कार्य शुरू होने से प्रभावित गांवों में नई उम्मीद जगी है। लंबे समय से अधर में लटकी इस परियोजना को लेकर अब लोगों को भरोसा होने लगा है कि एनएच-319ए फोरलेन सड़क निर्माण का रास्ता साफ हो रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि सड़क निर्माण से न सिर्फ आवागमन सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी। प्रशासनिक कार्रवाई ने यह संकेत दे दिया है कि अब एनएच-319ए फोरलेन केवल सपना नहीं, बल्कि जल्द साकार होने वाली हकीकत है।