पुलिस की जवाबदेही और पारदर्शिता ही जनता के भरोसे की बुनियाद है - डीआईजी
होली से पहले पुलिस महकमे की चौकसी और जवाबदेही को परखने के लिए शुक्रवार को डुमरांव थाना परिसर में डीआईजी सत्यप्रकाश ने वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, लंबित कांडों की प्रगति, रिकॉर्ड संधारण, मालखाना व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की रणनीति की बारीकी से समीक्षा की।

-- डुमरांव थाने में डीआईजी का वार्षिक निरीक्षण, कानून-व्यवस्था से लेकर मालखाना तक की गहन समीक्षा
-- कई बिंदुओं पर थानाध्यक्ष व पुलिस पदाधिकारियों को दिए संदेश, मौजूद रहे एसपी व एसडीपीओ
केटी न्यूज/डुमरांव
होली से पहले पुलिस महकमे की चौकसी और जवाबदेही को परखने के लिए शुक्रवार को डुमरांव थाना परिसर में डीआईजी सत्यप्रकाश ने वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, लंबित कांडों की प्रगति, रिकॉर्ड संधारण, मालखाना व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की रणनीति की बारीकी से समीक्षा की।निरीक्षण की शुरुआत थाना परिसर के भौतिक सत्यापन से हुई। डीआईजी ने रिकॉर्ड रूम में अभिलेखों के रख-रखाव, केस डायरी के अद्यतन स्थिति और जब्त सामानों की सूची का मिलान किया।

मालखाना में रखे जब्त वाहनों और अन्य सामग्रियों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने पारदर्शिता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।उन्होंने स्पष्ट कहा कि “पुलिस की कार्यशैली में जवाबदेही और पारदर्शिता ही जनता के भरोसे की बुनियाद है।” आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निपटारे और फरियादियों के साथ संवेदनशील व्यवहार पर भी उन्होंने जोर दिया।

-- अपराध नियंत्रण पर कड़ा रुख
होली के मद्देनजर डीआईजी ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। शराब तस्करी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने, फरार अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी और लंबित कांडों के शत-प्रतिशत निष्पादन पर बल दिया गया। उन्होंने तकनीक के अधिकतम उपयोगकृसीसीटीवी मॉनिटरिंग, डिजिटल रिकॉर्डिंग और डेटा विश्लेषण के जरिए अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने की बात कही।गश्ती व्यवस्था को और सक्रिय रखने तथा संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान बक्सर के पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य समेत अन्य पदाधिकारियों ने क्षेत्र की वर्तमान अपराध स्थिति और सामुदायिक पुलिसिंग के प्रयासों की जानकारी प्रस्तुत की।

प्रशिक्षु दरोगाओं और जवानों से संवाद करते हुए डीआईजी ने ईमानदारी, अनुशासन और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “पुलिस और जनता के बीच विश्वास ही प्रभावी कानून-व्यवस्था की असली ताकत है।”थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने भरोसा दिलाया कि दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जाएगा। एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने कहा कि पुलिस-पब्लिक मैत्री संबंध को मजबूत करने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।इस मौके पर बक्सर एसपी शुभम आर्य, डुमरांव एसडीपीओ पोलस्त कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर अरविंद कुमार, थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा समेत कई अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे।

-- ज्ञान की जंग में बेटियों का परचम, डीआईजी ने विजेताओं को किया सम्मानित
वार्षिक निरीक्षण के साथ ही डुमरांव थाना परिसर में उत्साह का रंग भी देखने को मिला। बिहार पुलिस सप्ताह के तहत आयोजित क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को डीआईजी ने सम्मानित किया। कार्यक्रम ने पुलिस-जन संवाद को नई ऊर्जा दी।गुरुवार को आयोजित इस प्रतियोगिता में 17 जोड़ी यानी कुल 34 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में 170 प्रश्न पूछे गए, प्रत्येक प्रश्न एक अंक का था और गलत उत्तर पर नेगेटिव मार्किंग की व्यवस्था ने मुकाबले को और रोमांचक बना दिया। सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाक्रम, कानून और पुलिस व्यवस्था से जुड़े सवालों ने प्रतिभागियों की बौद्धिक क्षमता को परखा।

-- टॉप तीनों स्थानों पर छात्राओं की चमक
प्रतियोगिता में आयुषी और अंशु की जोड़ी ने प्रथम स्थान हासिल कर बाजी मारी। दूसरे स्थान पर अंशिका और अनुष्का की टीम रही, जबकि तीसरा स्थान शुभांगी और मुस्कान की जोड़ी ने प्राप्त किया। उल्लेखनीय तथ्य यह रहा कि शीर्ष तीनों स्थानों पर छात्राओं की जोड़ी ने कब्जा जमाया, जिसने कार्यक्रम को खास बना दिया।डीआईजी ने विजेताओं को मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अन्य प्रतिभागियों को एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने सम्मानित किया। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ज्ञान और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है।

-- पुलिस-पब्लिक मैत्री का संदेश
कार्यक्रम का समापन सामुदायिक पुलिसिंग के संदेश के साथ हुआ। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में जागरूकता बढ़ती है और पुलिस के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होती है।डुमरांव थाना परिसर में एक ही मंच पर प्रशासनिक सख्ती और बौद्धिक उत्सव का यह संगम देखने को मिला, जहां एक ओर कानून-व्यवस्था की धार को तेज करने की समीक्षा हुई, वहीं दूसरी ओर छात्र प्रतिभाओं को सम्मानित कर भविष्य की उम्मीदों को पंख दिए गए।बता दे कि प्रतियोगिता थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में आयोजित हुआ था। इसे संपन्न कराने में अभया ब्रिगेड प्रभारी एसआई प्रियंका कुमारी, शैलेन्द्र श्रीवास्तव उर्फ राजू लाल, मिस्टर मनोज, शुभम जायसवाल समेत कई अन्य ने सराहनीय भूमिका निभाई।
