पति-पत्नी के बीच बढ़े विवाद में सखी वन स्टॉप सेंटर की पहल रंग लाई, समझौते के बाद पति के साथ बच्चों के पास लौटी महिला

घरेलू विवाद के चलते मायके में रहने को मजबूर एक महिला को सखी वन स्टॉप सेंटर की पहल से महज छह दिनों में उसका परिवार वापस मिल गया। पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को काउंसिलिंग के जरिए सुलझाया गया। समझौते के बाद महिला अपने पति और बच्चों के साथ वापस रहने के लिए लौट गई।

पति-पत्नी के बीच बढ़े विवाद में सखी वन स्टॉप सेंटर की पहल रंग लाई, समझौते के बाद पति के साथ बच्चों के पास लौटी महिला

__ सखी वन स्टॉप सेंटर की पहल से परिवार में लौटी खुशियां

केटी न्यूज/बक्सर।

घरेलू विवाद के चलते मायके में रहने को मजबूर एक महिला को सखी वन स्टॉप सेंटर की पहल से महज छह दिनों में उसका परिवार वापस मिल गया। पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को काउंसिलिंग के जरिए सुलझाया गया। समझौते के बाद महिला अपने पति और बच्चों के साथ वापस रहने के लिए लौट गई। सेंटर की इस पहल से एक परिवार को बिखरने से बचाने में सफलता मिली।जानकारी के अनुसार, 12 सितंबर 2026 को महिला सखी वन स्टॉप सेंटर पहुंची थी। उसने बताया कि उसकी पहली शादी करीब 20 वर्ष पूर्व हुई थी। पहली शादी से दो बेटियां हुईं, लेकिन पति दोनों बेटियों को लेकर उसे छोड़कर चला गया। इसके बाद करीब 15 वर्ष पहले उसने रमेश राम से दूसरी शादी की। इस शादी से उसे एक बेटा और एक बेटी है।

महिला ने सेंटर को बताया कि उसका पति ठेला चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है, लेकिन शराब पीने के बाद उसके साथ मारपीट करता था। महिला का आरोप था कि उसे दूसरों के घरों में झाड़ू-पोंछा का काम करने से भी रोका जाता था। विवाद के दौरान उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता था और उसे किसी से बातचीत करने पर भी रोक लगाई जाती थी। विवाद बढ़ने के बाद पति दोनों बच्चों को लेकर किराये के मकान में रहने लगा और महिला को बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा था। इसके बाद महिला मायके में रहने लगी और सखी वन स्टॉप सेंटर में वाद दर्ज कराया।

__ फोन पर शुरू हुई समझाइश, आमने-सामने बैठकर हुआ समाधान

वाद दर्ज होते ही केंद्र की टीम ने मामले में त्वरित पहल की। केंद्र की ओर से पति से लगातार मोबाइल फोन पर संपर्क कर उसे समझाया गया और पारिवारिक विवाद को बातचीत के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया गया। कई बार समझाइश के बाद पति केंद्र कार्यालय आने के लिए तैयार हुआ।18 सितंबर को दोनों पक्ष सखी वन स्टॉप सेंटर पहुंचे। यहां संयुक्त रूप से काउंसिलिंग की गई। बातचीत के दौरान महिला ने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद केंद्र की टीम ने उसके पति को फोन कर समझाया, जिसके अगले ही दिन पति उसे लेने पहुंच गया।

महिला ने कहा कि अब पति उसे ठीक से रख रहे हैं और वह पति के साथ रहना चाहती है।वहीं, पति ने भी पत्नी को साथ रखने और भविष्य में मारपीट व झगड़ा नहीं करने का भरोसा दिया। उसने कहा कि वह ठेला चलाकर परिवार का खर्च चलाता है और पत्नी को अपने साथ रखेगा तथा उसे मान-सम्मान के साथ रखेगा। दोनों पक्षों की सहमति के बाद समझौता पत्र तैयार किया गया। दोनों के पढ़े-लिखे नहीं होने के कारण दस्तावेज पर अंगूठे का निशान लिया गया।

__ छह दिन की पहल ने लौटाई पारिवारिक खुशियां

आपसी सहमति से समझौता होने के बाद वाद का निष्पादन करते हुए मामले को फॉलो-अप में रखा गया। इसके बाद महिला अपने पति के साथ केंद्र कार्यालय से ही वापस चली गई। केंद्र के अनुसार, अब वह अपने पति और बच्चों के साथ रह रही है।सुलह के बाद महिला ने सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम के प्रति आभार जताते हुए कहा कि केंद्र की पहल से उसके पति को अपनी गलती समझने का मौका मिला। उसने बताया कि अब पति उसके साथ मारपीट नहीं करते और उसे सम्मान के साथ रखते हैं। महिला ने कहा कि उसे अपना परिवार वापस मिल गया है और सखी केंद्र उसके लिए बेहद मददगार साबित हुआ।