बक्सर में एलपीजी आपूर्ति पर सख्ती, कालाबाजारी पर कड़ा एक्शन

जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाने और जनगणना 2027 की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अंतर्गत कुल 27 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से लाखों उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की जा रही है।

बक्सर में एलपीजी आपूर्ति पर सख्ती, कालाबाजारी पर कड़ा एक्शन

— जनगणना 2027 के लिए डिजिटल स्वगणना की तैयारी

__ जिलाधिकारी साहिला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी, गैस वितरण पर निगरानी तेज, शादी-ब्याह के लिए अलग व्यवस्था, 17 अप्रैल से शुरू होगी ऑनलाइन स्वगणना प्रक्रिया

केटी न्यूज/बक्सर:

जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाने और जनगणना 2027 की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अंतर्गत कुल 27 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से लाखों उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की जा रही है।जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में इंडियन ऑयल के 2,02,360, भारत पेट्रोलियम के 57,517 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 90,668 घरेलू उपभोक्ता हैं। 13 मार्च से 14 अप्रैल तक 1,52,754 गैस सिलेंडरों का वितरण किया जा चुका है, जबकि 14 अप्रैल तक एजेंसियों के पास 4,342 सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है।

प्रतिदिन औसतन 6,419 सिलेंडरों की मांग के मुकाबले 5,662 सिलेंडरों की आपूर्ति हो रही है, जिससे 24,108 रिफिल बुकिंग लंबित हैं और लगभग 4.2 दिनों का बैकलॉग बना हुआ है।गैस वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए शहरी उपभोक्ताओं को अंतिम डिलीवरी के 25 दिन बाद और ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक करने की अनुमति दी गई है। जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सभी गैस एजेंसियों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई है। अब तक इस मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं और 10 एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया गया है।जनता की शिकायतों के समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।

अब तक 991 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 961 का त्वरित निपटारा कर दिया गया है। एलपीजी आपूर्ति से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए लोग 06183-223333 पर संपर्क कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि गैस को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं शादी-ब्याह जैसे आयोजनों के लिए वाणिज्यिक गैस की विशेष व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत रसोइया और कैटरर्स को पंजीकरण कराना होगा।

संबंधित परिवार को शादी का कार्ड संलग्न कर अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देना होगा, जिसमें आवश्यक सिलेंडरों की संख्या और अतिथियों का अनुमान दर्ज करना होगा।इसके आधार पर ही वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। अब तक ऐसे 113 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।जनगणना 2027 को लेकर भी इस बार डिजिटल पहल की जा रही है। पहली बार स्वगणना प्रणाली लागू की जा रही है, जिसके तहत लोग स्वयं सुरक्षित वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जनगणना विवरणी भर सकेंगे। यह सुविधा 17 अप्रैल से 1 मई तक उपलब्ध रहेगी, जबकि मकान सूचीकरण और गणना का पहला चरण 2 मई से 31 मई तक चलेगा।

स्वगणना के लिए मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए सुरक्षित प्रवेश की व्यवस्था होगी। उत्तरदाता मानचित्र पर अपने घर की लोकेशन चिह्नित कर प्रश्नावली भर सकेंगे और उन्हें एक संदर्भ संख्या प्रदान की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया हिंदी, अंग्रेजी सहित 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगी।जिलाधिकारी ने कहा कि यह डिजिटल पहल न केवल डेटा संग्रह को तेज और सटीक बनाएगी, बल्कि व्यस्त और प्रवासी परिवारों के लिए भी काफी सुविधाजनक साबित होगी। जिला प्रशासन लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अधिकारियों और तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में जुटा है।