जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से पेंशन तक के काम होंगे तेज, पंचायतों में फिर लौटी रफ्तार

करीब डेढ़ माह से प्रभावित पंचायत व्यवस्था अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। पंचायत सचिवों के कार्य पर लौटने के बाद जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन योजनाओं और विभिन्न विकास कार्यों से जुड़े लंबित मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद जगी है।

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से पेंशन तक के काम होंगे तेज, पंचायतों में फिर लौटी रफ्तार

__ सचिवों की वापसी से रुकी योजनाओं को मिलेगा गति, लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश

केटी न्यूज/बक्सर :

करीब डेढ़ माह से प्रभावित पंचायत व्यवस्था अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। पंचायत सचिवों के कार्य पर लौटने के बाद जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन योजनाओं और विभिन्न विकास कार्यों से जुड़े लंबित मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद जगी है। सचिवों की अनुपस्थिति के कारण पंचायत स्तर पर कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हो गई थीं, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी।पिछले कई सप्ताह से जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का कार्य लगभग ठप पड़ा था। वहीं वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन से संबंधित आवेदन भी लंबित हो गए थे।

आवश्यक दस्तावेजों और प्रमाण पत्रों के लिए ग्रामीणों को पंचायत कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे थे, लेकिन संबंधित कार्य समय पर नहीं हो पा रहे थे। अब सचिवों के वापस आने के बाद इन लंबित आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।सिर्फ जनसेवाएं ही नहीं, बल्कि पंचायतों में संचालित विकास योजनाओं पर भी इसका असर पड़ा था। मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, नल-जल योजना समेत कई योजनाओं से जुड़े अभिलेखीय कार्य, सत्यापन और भुगतान संबंधी प्रक्रियाएं प्रभावित थीं। इससे विकास कार्यों की गति धीमी पड़ गई थी। पंचायत सचिवों के कार्यभार संभालने के बाद इन योजनाओं में फिर से रफ्तार आने की संभावना है।

ग्रामीणों ने भी पंचायत सचिवों की वापसी पर राहत व्यक्त की है। उनका कहना है कि लंबे समय से आवश्यक कार्य लंबित होने के कारण उन्हें आर्थिक और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब उम्मीद है कि रुके हुए कार्य जल्द पूरे होंगे और लोगों को राहत मिलेगी।प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मनोज पासवान ने बताया कि पंचायत सचिवों के कार्य से दूर रहने के कारण पंचायतों में कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए थे। उन्होंने कहा कि सभी सचिवों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया गया है। विशेष रूप से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन योजनाओं और अन्य जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा, ताकि आम लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके और पंचायत स्तर पर विकास गतिविधियां पुनः गति पकड़ सकें।