बक्सर में सरपंच की पीट-पीटकर हत्या, दो बेटे गंभीर; विरोध में सड़क जाम

गुरुवार को बक्सर जिले के इटाढ़ी थाना क्षेत्र में जमीन विवाद ने ऐसा हिंसक रूप ले लिया कि कुकुढ़ा पंचायत के निर्वाचित सरपंच की जान चली गई। चिलबिला गांव में डेढ़ बीघा जमीन पर धान की रोपनी को लेकर हुए खूनी संघर्ष में सरपंच सुभाष सिंह (55) की कथित तौर पर लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जबकि उनके दो पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए।

बक्सर में सरपंच की पीट-पीटकर हत्या, दो बेटे गंभीर; विरोध में सड़क जाम

__ जमीन विवाद से जुड़ा है मामला, परिजन सीओ और थानाध्यक्ष पर लगा रहे हैं गंभीर आरोप; इटाढ़ी थाना क्षेत्र के कुकुढ़ा पंचायत स्थित चिलबिला गांव की घटना

केटी न्यूज/बक्सर 

गुरुवार को बक्सर जिले के इटाढ़ी थाना क्षेत्र में जमीन विवाद ने ऐसा हिंसक रूप ले लिया कि कुकुढ़ा पंचायत के निर्वाचित सरपंच की जान चली गई। चिलबिला गांव में डेढ़ बीघा जमीन पर धान की रोपनी को लेकर हुए खूनी संघर्ष में सरपंच सुभाष सिंह (55) की कथित तौर पर लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जबकि उनके दो पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। उधर, आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सदर अस्पताल के मुख्य द्वार के समीप रखकर बक्सर-चौसा मुख्य मार्ग जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।जानकारी के अनुसार, चिलबिला गांव में स्थित करीब डेढ़ बीघा जमीन को लेकर सरपंच सुभाष सिंह और उनके पट्टीदारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। गुरुवार दोपहर सरपंच धान की रोपनी कराने के लिए ट्रैक्टर लेकर खेत पहुंचे।

आरोप है कि पहले से मौजूद दूसरे पक्ष के लोगों ने इसका विरोध किया और देखते ही देखते कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई। परिजनों का आरोप है कि तेज बहादुर सिंह, विनोद सिंह समेत 15 से 20 लोगों ने लाठी-डंडों से लैस होकर सरपंच पर जानलेवा हमला कर दिया।बताया जाता है कि पिता पर हमले की सूचना मिलने के बाद उनके पुत्र अखिलेश सिंह (26) और विंटेस सिंह (23) मौके पर पहुंचे। दोनों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। मारपीट में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान सरपंच सुभाष सिंह ने दम तोड़ दिया। दोनों पुत्रों का अस्पताल में इलाज जारी है और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।सरपंच की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और समर्थक सदर अस्पताल पहुंच गए। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जुट गई।

इसके बाद आक्रोशित लोगों ने शव को अस्पताल के मुख्य गेट के सामने रखकर बक्सर-चौसा मुख्य मार्ग जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को न्याय तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।परिजनों ने इटाढ़ी थाना प्रभारी और संबंधित अंचलाधिकारी (सीओ) पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि जमीन विवाद की जानकारी पहले से प्रशासन को थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि यदि विवाद का समय पर समाधान कराया गया होता तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। इसी आधार पर परिजनों ने थाना प्रभारी और सीओ को तत्काल हटाने की मांग भी उठाई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरीय अधिकारी सदर अस्पताल एवं घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर जाम समाप्त कराने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। देर शाम तक क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जबकि पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थी।