डुमरांव में पीसीसी सड़कों पर घोटाले की गूंज: एक ही योजना से दोहरी पेमेंट, बिना टेंडर काम का आरोप
डुमरांव नगर परिषद क्षेत्र में पीसीसी सड़क निर्माण कार्यों को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय निवासी नीलकांत धीरज द्वारा नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को दी गई लिखित शिकायत ने पूरे मामले को तूल दे दिया है। शिकायत में तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) पर पद के दुरुपयोग, नियमों की अनदेखी और सरकारी धन के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

__ शिकायत के बाद आर्थिक अपराध इकाई की एंट्री, पूर्व ईओ पर जांच के निर्देश; कई वार्डों में बनी सड़कें छह माह में ही जर्जर
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव नगर परिषद क्षेत्र में पीसीसी सड़क निर्माण कार्यों को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय निवासी नीलकांत धीरज द्वारा नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को दी गई लिखित शिकायत ने पूरे मामले को तूल दे दिया है। शिकायत में तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) पर पद के दुरुपयोग, नियमों की अनदेखी और सरकारी धन के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।शिकायतकर्ता के अनुसार विभागीय दिशा-निर्देशों को दरकिनार करते हुए एक ही योजना को अलग-अलग योजना संख्या देकर भुगतान कराया गया। इतना ही नहीं, बिना निविदा निकाले ही विभागीय स्तर पर निर्माण कार्य कराए गए, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा।

आरोप यह भी है कि करीब तीन किलोमीटर लंबी पीसीसी सड़क ऐसे स्थान पर बना दी गई, जहां कोई आबादी ही नहीं है, जिससे कार्य की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।मामले को और गंभीर बनाते हुए शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक ही कनीय अभियंता ने प्राक्कलन तैयार किया, वही अभिकर्ता बना और उसी के द्वारा मापी भी कराई गई, जो स्थापित नियमों का खुला उल्लंघन है। इसके अलावा 24 अगस्त 2023 के विभागीय निर्देशों की अनदेखी करते हुए 1000 से अधिक संचिकाएं खोलकर कार्य कराए जाने का आरोप भी लगाया गया है।शहर के कई वार्डों में बनी सड़कों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं।

वार्ड 12 में मिशन स्कूल से भोजपुर पोखरा तक बनी सड़क महज छह माह में ही टूटने लगी है।वार्ड 11 के कृष्णा नगर और डीके कॉलेज से नागेंद्र भारती के घर तक की सड़क भी जर्जर हो चुकी है। वार्ड 19 में जंगली शिव मंदिर के पास बिना बस्ती के सड़क निर्माण को संदिग्ध बताया गया है, जबकि वार्ड 28 में पहले से बनी सड़क पर दोबारा पीसीसी करने का आरोप है। वार्ड 16 में भी कई सड़कों के जल्द खराब होने की शिकायत सामने आई है।शिकायतकर्ता ने सभी पीसीसी सड़कों की गुणवत्ता जांच कोर कटर टेस्ट और स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो।

इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध इकाई, पटना के एसपी ने बक्सर जिलाधिकारी को पत्र भेजकर डुमरांव व बक्सर नगर परिषद के पूर्व ईओ मनीष कुमार पर लगे आरोपों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।गौरतलब है कि मनीष कुमार के कार्यकाल में नगर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास कार्य कराए गए थे, लेकिन अब उन्हीं कार्यों पर भ्रष्टाचार के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। आर्थिक अपराध इकाई की एंट्री के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और स्थानीय लोगों में आक्रोश के साथ शीघ्र निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।

