होली-लग्न सीजन में रेलवे पर ‘डबल दबाव’, डुमरांव रूट पर सुरक्षा अलर्ट के बीच यात्रियों की परीक्षा
होली और लग्न सीजन के संयुक्त प्रभाव ने इस बार रेलवे व्यवस्था की असली परीक्षा ले ली है। चार मार्च को होने वाली होली से पहले ही डुमरांव रूट पर लंबी दूरी की ट्रेनों में भीड़ चरम पर पहुंच गई है। दिल्ली, मुंबई, पंजाब और कोलकाता जैसे महानगरों से आने वाली ट्रेनों में स्लीपर व एसी कोच की सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं, जबकि वेटिंग सूची लंबी होती जा रही है।
-- चार मार्च की होली और शादी-ब्याह के दौर ने बढ़ाई आवाजाही, जेनरल कोच में चरम भीड़, जीआरपी की सादे लिबास में तैनाती
केटी न्यूज/डुमरांव
होली और लग्न सीजन के संयुक्त प्रभाव ने इस बार रेलवे व्यवस्था की असली परीक्षा ले ली है। चार मार्च को होने वाली होली से पहले ही डुमरांव रूट पर लंबी दूरी की ट्रेनों में भीड़ चरम पर पहुंच गई है। दिल्ली, मुंबई, पंजाब और कोलकाता जैसे महानगरों से आने वाली ट्रेनों में स्लीपर व एसी कोच की सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं, जबकि वेटिंग सूची लंबी होती जा रही है।स्थिति सिर्फ आरक्षित डिब्बों तक सीमित नहीं है। जेनरल कोच में हालात और भी गंभीर हैं। खड़े होने की जगह तक नहीं बच रही। यात्री दरवाजों के पास, शौचालय के समीप या फर्श पर बैठकर सफर करने को मजबूर हैं।

महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह यात्रा किसी चुनौती से कम नहीं। होली के बाद वापसी की टिकटों में भी अभी से लंबी प्रतीक्षा सूची दिखाई दे रही है, जिससे यह स्पष्ट है कि दबाव दोनों ओर बराबर रहेगा।लग्न सीजन ने भी यात्रियों की संख्या बढ़ा दी है। शादी-ब्याह में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग ट्रेनों का सहारा ले रहे हैं। इसका सीधा असर टिकट काउंटरों और ऑनलाइन बुकिंग पर दिख रहा है। तत्काल टिकट खुलते ही कुछ ही मिनटों में समाप्त हो जा रहे हैं।

भीड़ को देखते हुए जीआरपी ने स्टेशन और ट्रेनों में सुरक्षा बढ़ा दी है। सादे लिबास में जवानों की तैनाती की गई है और प्लेटफॉर्म पर लगातार गश्त की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पर्व और शादी के मौसम में उचक्के सक्रिय हो जाते हैं, इसलिए यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।रेलवे के लिए यह समय भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की कसौटी साबित हो रहा है, जबकि यात्रियों के लिए घर पहुंचने की यात्रा धैर्य और संघर्ष की परीक्षा बन चुकी है।

