__ मधुबनी के बलिराजगढ़ में अंधाधुंध फायरिंग कर एक की हत्या और तीन को किया था जख्मी, गिरफ्तारी के लिए पांच विशेष टीम गठित; 25 हजार का इनाम घोषित

केटी न्यूज/डुमरांव।
मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ गांव में अंधाधुंध फायरिंग कर एक ग्रामीण की हत्या करने और तीन अन्य को गंभीर रूप से जख्मी करने के मामले में फरार चल रहे निलंबित एएसआई चंद्रमोहन सिंह की तलाश में पुलिस ने डुमरांव अनुमंडल के नया भोजपुर थाना क्षेत्र स्थित उसके पैतृक गांव चिलहरी में छापेमारी की है। नया भोजपुर पुलिस की टीम ने मंगलवार और बुधवार को उसके घर समेत संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल सका। उधर, इस सनसनीखेज वारदात में चिलहरी गांव का नाम सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीण भी सकते में हैं।ग्रामीणों के अनुसार, चंद्रमोहन सिंह का स्वभाव शुरू से ही दबंग और मनबढ़ किस्म का रहा है, लेकिन पुलिस विभाग में नौकरी करने के बावजूद वह इस तरह की जघन्य वारदात को अंजाम देगा, इसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। उसके पैतृक दरवाजे पर पुलिस टीम के पहुंचने के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग इस घटना को लेकर हैरानी जता रहे हैं।

__ चार भाइयों में सबसे छोटा है चंद्रमोहन
ग्रामीणों ने बताया कि चंद्रमोहन सिंह चार भाइयों में सबसे छोटा है। उसके दो भाई दिव्यांग हैं, जबकि तीसरा भाई गांव में किराना दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। उसके तीनों भाई प्रदीप, सुधीर और बलबीर अपनी मां के साथ चिलहरी में ही रहते हैं। इसके विपरीत चंद्रमोहन गांव में काफी कम आता-जाता था। वह तीन बच्चों का पिता है। उसकी दो बेटियां और एक बेटा है। उसका ससुराल आरा में है, जहां उसकी पत्नी नीलू देवी बच्चों के साथ मायके में रहती है।ग्रामीणों के मुताबिक, वर्ष 2009 में चंद्रमोहन सिंह की बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर नियुक्ति हुई थी। बाद में वह सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) के पद पर पहुंचा। नया भोजपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर चिलहरी गांव में छापेमारी की गई, लेकिन आरोपी एएसआई फरार मिला।

__ घर में घुसने पर पकड़े जाने के डर से की थी फायरिंग
गौरतलब है कि मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ गांव में सोमवार की देर रात हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया है। आरोप है कि अवैध संबंध का विरोध होने के बाद एएसआई चंद्रमोहन सिंह एक घर में घुसा था। पकड़े जाने की आशंका के बीच उसने ग्रामीणों पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। इस दौरान एक महिला समेत चार लोगों को गोली लगी थी, जिसमें एक ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज चल रहा है।घटना की गंभीरता को देखते हुए मधुबनी पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पांच विशेष टीमों का गठन किया है। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। एसआईटी लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। हालांकि, वारदात के बाद से वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

__ पिता भी चार लोगों की हत्या में काट चुका था जेल की सजा
इस पूरे मामले का एक और चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपी एएसआई चंद्रमोहन सिंह के पिता स्वर्गीय रविन्द्र सिंह भी हत्या के एक गंभीर मामले में सजायाफ्ता रह चुके थे। ग्रामीणों के अनुसार, रविन्द्र सिंह सेना में जवान थे। नौकरी के दौरान उन्होंने अपने तीन सैन्य अधिकारियों और एक अन्य जवान समेत चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई थी और उन्हें जेल जाना पड़ा था। करीब 14 वर्षों तक सजा काटने के बाद वह गांव लौटे थे। पिछले वर्ष उनका निधन हो गया।एक ही परिवार की दो पीढ़ियों से जुड़ी इन गंभीर घटनाओं की चर्चा अब चिलहरी गांव में भी हो रही है। फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं और फरार एएसआई की गिरफ्तारी का इंतजार किया जा रहा है।





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