__ ग्रामीण प्रतिभाओं को संवारने का सपना अधूरा छोड़ गए पूर्व सांसद, लक्ष्य लाइब्रेरी में एक दिन का अवकाश रख छात्रों ने दी श्रद्धांजलि
केटी न्यूज/चौगाईं।
ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उन्हें सफलता की राह दिखाने वाले पूर्व राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता आर.के. सिन्हा के निधन से चौगाईं में शोक की लहर है। उनके निधन की खबर ने उन छात्र-छात्राओं को भी भावुक कर दिया, जिनके उज्ज्वल भविष्य का सपना उन्होंने देखा था। मुरार स्थित लक्ष्य लाइब्रेरी में छात्रों ने शोकसभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता के प्रति सम्मान प्रकट किया गया। उनके सम्मान में पुस्तकालय को एक दिन के लिए बंद रखा गया।

दरअसल, करीब दो वर्ष पूर्व आर.के. सिन्हा ने लक्ष्य लाइब्रेरी का उद्घाटन किया था। उनका उद्देश्य ग्रामीण परिवेश में रहने वाले विद्यार्थियों को शहरों जैसी अध्ययन सुविधाएं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना था। वह चाहते थे कि आर्थिक और भौगोलिक परिस्थितियां किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की राह में बाधा न बनें। उनके इसी प्रयास का परिणाम है कि आज इस पुस्तकालय से जुड़कर पढ़ाई करने वाले क्षेत्र के दर्जनों युवा सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में अच्छे पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शिक्षा के साथ रोजगार के क्षेत्र में भी उनका योगदान स्थानीय युवाओं के लिए महत्वपूर्ण रहा। उनकी सुरक्षा एजेंसी एसआईएस ग्रुप के माध्यम से समय-समय पर क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते रहे हैं।शोकसभा में ए.के. ओझा ने कहा कि आर.के. सिन्हा का चौगाईं क्षेत्र से जुड़ाव केवल राजनीतिक नहीं था, बल्कि वे ग्रामीण विकास और शिक्षा के प्रति भी गंभीर सोच रखते थे। सड़क, पुस्तकालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में उनका योगदान याद रखा जाएगा।छात्रों ने कहा कि लक्ष्य लाइब्रेरी की स्थापना के पीछे उनका सपना और मार्गदर्शन हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। उनका जाना क्षेत्र के शैक्षणिक और सामाजिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है।





टिप्पणियां 0
टिप्पणी एडमिन की मंज़ूरी के बाद सबको दिखेगी। अभद्र भाषा का प्रयोग न करें।