__ 15.04 करोड़ से संवरेगा एनएच-120 का 5.2 किमी हिस्सा, तकनीकी व वित्तीय जांच के बाद होगा एजेंसी का चयन; पांच साल तक रखरखाव की भी होगी जिम्मेदारी
केटी न्यूज/डुमरांव।
डुमरांव बाजार की बदहाल सड़क से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की उम्मीद अब मजबूत होने लगी है। वर्षों से गड्ढों, उखड़ी सड़क और जलजमाव की समस्या झेल रहे शहर के बीच से गुजरने वाले एनएच-120 के दिन बहुरने की प्रक्रिया एक कदम और आगे बढ़ गई है। सड़क के स्थायी पुनर्निर्माण के लिए दोबारा आमंत्रित निविदा में तीन निर्माण एजेंसियों ने अपनी दावेदारी पेश की है। अब विभागीय स्तर पर तकनीकी और वित्तीय बिड का मूल्यांकन होना है। सब कुछ तय समय के अनुसार रहा तो जल्द ही निर्माण एजेंसी का चयन कर कार्यादेश जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

__ तीन एजेंसियों के बीच निर्माण की जिम्मेदारी पाने की होड़
डुमरांव बाजार के करीब 5.2 किलोमीटर लंबे जर्जर सड़क खंड के पुनर्निर्माण के लिए आलम इंटरप्राइजेज एंड ब्रदर्स, आर्यना इंफ्रा तथा हिलकान इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने निविदा में हिस्सा लिया है। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 27 अक्टूबर निर्धारित थी। इससे पहले आलम इंटरप्राइजेज एंड ब्रदर्स ने 25 अक्टूबर को, जबकि आर्यना इंफ्रा और हिलकान इंफ्रास्ट्रक्चर ने 26 अक्टूबर को अपनी-अपनी बिड जमा कर दी थी। अब विभाग इन एजेंसियों की पात्रता और वित्तीय प्रस्तावों की जांच करेगा। इसी प्रक्रिया के बाद निर्माण की जिम्मेदारी किसी एक एजेंसी को सौंपी जाएगी। विधायक राहुल कुमार सिंह ने भी पथ निर्माण विभाग को पत्र लिखकर जल्द एजेंसी चयन की मांग की थी।

__ 15.04 करोड़ से बनेगी सड़क, दोनों तरफ होगा नाला निर्माण
इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 15.04 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत लगभग 5.2 किलोमीटर सड़क का नए सिरे से निर्माण कराया जाएगा। खास बात यह है कि सड़क निर्माण के साथ दोनों तरफ नाला बनाने का प्रावधान भी किया गया है। इससे सड़क की बदहाली के साथ-साथ लंबे समय से बनी जलनिकासी की समस्या दूर होने की उम्मीद है। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 270 दिनों यानी करीब नौ महीने की समय-सीमा निर्धारित की गई है। वहीं, चयनित एजेंसी को निर्माण के बाद अगले पांच वर्षों तक सड़क का अनुरक्षण भी करना होगा। यानी सड़क बनाने के साथ उसकी गुणवत्ता और रखरखाव की जवाबदेही भी संबंधित एजेंसी की होगी।

__ पुराने टेंडर की गलती से अटकी थी परियोजना
गौरतलब है कि इस सड़क के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया पहले भी शुरू हुई थी, लेकिन विभागीय प्रक्रियागत चूक के कारण पुरानी निविदा रद्द करनी पड़ी थी। पहले परियोजना के लिए 18.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली थी और निविदा की अनुमानित लागत करीब 17.70 करोड़ रुपये रखी गई थी। 20 जुलाई को निविदा आमंत्रित की गई, लेकिन निर्धारित समय-सीमा का पालन किए बिना ही एक अगस्त को उसे खोल दिया गया। टेंडर मूल्यांकन समिति ने इसे गंभीर प्रक्रियागत त्रुटि माना, जिसके बाद पूरी निविदा प्रक्रिया निरस्त करनी पड़ी। इससे निर्माण कार्य में देरी हुई। बाद में विधायक राहुल कुमार सिंह की पहल पर दोबारा निविदा जारी कराई गई।

__ स्थायी निर्माण तक 16.16 लाख से होगी विशेष मरम्मत
स्थायी निर्माण की प्रक्रिया पूरी होने तक सड़क को भगवान भरोसे छोड़ने के बजाय विभाग ने अंतरिम मरम्मत की व्यवस्था भी की है। एनएच-120 के क्षतिग्रस्त हिस्से की विशेष एवं आकस्मिक मरम्मत के लिए 16.16 लाख रुपये का अलग टेंडर जारी किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्रमंडल, गया के कार्यपालक अभियंता की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जारी इस निविदा के तहत चेनज 240+200 से 245+450 तक सड़क की मरम्मत कराई जानी है। इसका मकसद स्थायी पुनर्निर्माण शुरू होने तक आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाए रखना है।

__ अब काम शुरू होने का इंतजार कर रहा डुमरांव
डुमरांव बाजार की यह सड़क सिर्फ आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि शहर की व्यावसायिक गतिविधियों की भी प्रमुख धुरी है। इसकी बदहाली से दुकानदारों, स्थानीय नागरिकों और राहगीरों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ती है। अब तीन एजेंसियों की भागीदारी से परियोजना को गति मिलने की उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों की नजरें विभागीय मूल्यांकन, एजेंसी चयन और कार्यादेश जारी होने पर टिकी हैं। जरूरत इस बात की है कि इस बार निविदा प्रक्रिया किसी तकनीकी या प्रक्रियागत पेंच में न फंसे और कागजी कवायद जल्द धरातल पर उतरे। तभी डुमरांव को जर्जर एनएच-120 से स्थायी राहत मिल सकेगी।




टिप्पणियां 0
टिप्पणी एडमिन की मंज़ूरी के बाद सबको दिखेगी। अभद्र भाषा का प्रयोग न करें।