बक्सर के 1,252 सरकारी स्कूलों का होगा कायाकल्प, बदलेगी सूरत

बक्सर जिले के सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदलने की तैयारी तेज हो गई है। शिक्षा विभाग की ओर से संचालित ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत जिले के 1,252 सरकारी स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने, भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन, स्वच्छता और परिसर के सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है।

बक्सर के 1,252 सरकारी स्कूलों का होगा कायाकल्प, बदलेगी सूरत

__ ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत स्कूलों में मरम्मत, रंग-रोगन और सुविधाओं के उन्नयन का काम तेज; 30 नवंबर तक पुराने संसाधनों को दुरुस्त करने का लक्ष्य, मार्च 2027 तक बनेंगे नए भवन व अतिरिक्त कक्ष

केटी न्यूज/बक्सर।

बक्सर जिले के सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदलने की तैयारी तेज हो गई है। शिक्षा विभाग की ओर से संचालित ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत जिले के 1,252 सरकारी स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने, भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन, स्वच्छता और परिसर के सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके तहत प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों तक सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है।

__ 1,252 विद्यालयों में चल रहा अभियान

जिले के कुल 1,252 विद्यालयों को अभियान के दायरे में शामिल किया गया है। इनमें 1,093 प्रारंभिक तथा 159 माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हैं। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर 2026 से हुई है, जो 31 मार्च 2027 तक चलेगा। पहले चरण में विद्यालयों में पहले से उपलब्ध परिसंपत्तियों की मरम्मत और उन्नयन का लक्ष्य 30 नवंबर 2026 निर्धारित किया गया है। वहीं, नई आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए 31 मार्च 2027 तक की समय-सीमा तय की गई है।

__ कक्षाओं से शौचालय तक सुविधाएं होंगी दुरुस्त

अभियान के तहत विद्यालय भवनों, कक्षाओं और किचन शेड की मरम्मत के साथ रंग-रोगन कराया जा रहा है। शौचालयों और यूरिनल की साफ-सफाई, नल से जलापूर्ति तथा उनकी नियमित उपयोगिता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा पंखे, बल्ब, बिजली की वायरिंग, पेयजल व्यवस्था, ब्लैक बोर्ड और बेंच-डेस्क को दुरुस्त करने की योजना है।विद्यालय परिसर में जल निकासी की व्यवस्था बेहतर बनाने, साइकिल स्टैंड निर्माण, मिट्टी भराई और खेल मैदान को समतल करने जैसे कार्य भी प्राथमिकता में हैं। इन सुधारों से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों के लिए भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

__ नए भवन, अतिरिक्त कमरे और चहारदीवारी का होगा निर्माण

अभियान के अगले चरण में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त वर्ग-कक्ष बनाए जाएंगे। भवनविहीन विद्यालयों के लिए नए भवन, परिसर की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी तथा आवश्यकतानुसार नए शौचालय और पेयजल स्रोतों का निर्माण कराया जाएगा। इन कार्यों को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

__ जर्जर भवन हटेंगे, ऑनलाइन होगी निगरानी

विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सक्षम प्राधिकार द्वारा जर्जर घोषित भवनों को प्राथमिकता के आधार पर हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए एमएसटीसी के साथ सहमति पत्र की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, विद्यालयों की जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के साथ समन्वय किया जा रहा है।अभियान के कार्यों की प्रगति पर नजर रखने के लिए ग्रामीण विकास विभाग के कायाकल्प पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली अनुश्रवण समिति नियमित समीक्षा करेगी। उप विकास आयुक्त नोडल पदाधिकारी तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी समन्वय की जिम्मेदारी निभाएंगे, ताकि निर्धारित समय-सीमा में कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराया जा सके।