नवाचार के रंग में रंगा डुमरांव, 101 शिक्षकों का हुआ भव्य सम्मान

शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को नई पहचान देने के उद्देश्य से टीबीटी मंच द्वारा बक्सर जिला में 101 नवाचारी शिक्षकों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। डुमरांव स्थित डायट परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों का अद्भुत संगम देखने को मिला।

नवाचार के रंग में रंगा डुमरांव, 101 शिक्षकों का हुआ भव्य सम्मान

__ टीबीटी मंच के आयोजन में शिक्षा में तकनीक, संस्कृति और सामाजिक संदेश का दिखा अनूठा संगम

केटी न्यूज/डुमरांव

शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को नई पहचान देने के उद्देश्य से टीबीटी मंच द्वारा बक्सर जिला में 101 नवाचारी शिक्षकों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। डुमरांव स्थित डायट परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डुमरांव विधायक राहुल कुमार सिंह उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डायट डुमरांव के प्रवक्ता सह प्राचार्य विवेक कुमार मौर्य शामिल हुए।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों को मोमेंटो, पौधा एवं बैचलर टोपी देकर सम्मानित किया गया।

समारोह का आयोजन टीबीटी (द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर्स) फेसबुक मंच द्वारा “कबाड़ से जुगाड़ : शिक्षक कर रहे नवाचार” थीम पर किया गया था। टीबीटी मंच का यह कार्यक्रम राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित श्रृंखला का 18वां आयोजन था।टीबीटी मंच के संस्थापक डॉ. कुमार गौरव ने कहा कि मंच का उद्देश्य बिहार के सभी 38 जिलों के शिक्षकों को एक मंच पर जोड़ना और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से शिक्षक बच्चों के लिए पढ़ाई को अधिक रोचक और प्रभावी बना सकते हैं। कार्यक्रम में शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मटेरियल) भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे।

मुख्य अतिथि विधायक राहुल कुमार सिंह ने कहा कि यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि शिक्षा को नई प्रणाली और नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला प्रेरणादायी मंच है। वहीं डायट प्राचार्य विवेक कुमार मौर्य ने शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षकों में नई ऊर्जा और सृजनात्मक सोच का संचार करते हैं।कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी समां बांध दिया। गणेश वंदना, स्वागत गीत, अभियान गीत, छठ गीत और पारंपरिक लोकगीतों की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत नाटक ‘अधूरी दहलीज’ ने दहेज प्रथा की भयावहता को प्रभावशाली ढंग से मंचित किया। वहीं भक्ति गीतों से सजे कव्वाली कार्यक्रम ने भी खूब तालियां बटोरीं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में बबीता, शैलेश, सोनम कुमारी, ममता कुमारी, ज्योत्सना सिंह, सुषमा कुमारी, पूजा ओझा, शोभा कुमारी समेत कई शिक्षकों ने अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में “जय बिहार, जय टीबीटी” के नारों से पूरा सभागार गूंज उठा। सेल्फी प्वाइंट भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा, जहां अतिथियों एवं शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष स्नेहलता सिंह ने की। उन्होंने सभी अतिथियों और शिक्षकों का स्वागत करते हुए आयोजन की सफलता पर बधाई दी। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। आयोजन को सफल बनाने में वरीय शिक्षक ब्रजेश राय, धन्नजय मिश्रा सहित कई शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन पूजा ओझा, डॉ. ज्योत्सना सिंह, दिलीप एवं कंचन सिंह ने संयुक्त रूप से किया।