नया भोजपुर थाने की बदलेगी सूरत, नए भवन का निर्माण कार्य तेज
करीब 23 वर्षों से पुरानी पेपर मिल के जर्जर भवन में चल रहे नया भोजपुर थाने की तस्वीर अब बदलने वाली है। वर्षों की प्रतीक्षा और निर्माण में लंबी देरी के बाद नए थाना भवन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। फिलहाल पहली मंजिल का निर्माण जारी है।

__ 23 साल की बदहाली से मिलेगी मुक्ति, 14 महीने में चार मंजिला भवन तैयार करने का लक्ष्य; महिला हेल्प डेस्क, कंट्रोल रूम और आधुनिक हाजत से लैस होगा नया थाना
केटी न्यूज/डुमरांव।
करीब 23 वर्षों से पुरानी पेपर मिल के जर्जर भवन में चल रहे नया भोजपुर थाने की तस्वीर अब बदलने वाली है। वर्षों की प्रतीक्षा और निर्माण में लंबी देरी के बाद नए थाना भवन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। फिलहाल पहली मंजिल का निर्माण जारी है। चार मंजिला आधुनिक भवन तैयार होने से पुलिसकर्मियों को जर्जर परिसर से मुक्ति मिलेगी, वहीं फरियादियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। भवन निर्माण विभाग ने परियोजना को 14 महीने में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

__महिला फरियादियों से लेकर पुलिसकर्मियों तक को राहत
नया थाना भवन जी प्लस थ्री मॉडल पर बनाया जा रहा है। इसमें भूतल के अलावा तीन मंजिलें होंगी। प्रस्तावित परिसर की लंबाई 180 फीट और चौड़ाई 190 फीट होगी, जबकि मुख्य भवन 100 फीट लंबा और 80 फीट चौड़ा बनाया जाएगा। भवन में महिला हेल्प डेस्क, आधुनिक हाजत, कंट्रोल रूम और रिकॉर्ड रूम की व्यवस्था होगी। पुलिसकर्मियों के लिए आवासीय सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। अलग-अलग कार्यों के लिए निर्धारित स्थान होने से थाना का दैनिक कामकाज व्यवस्थित होगा। महिला हेल्प डेस्क बनने से महिला फरियादियों को अपनी शिकायत दर्ज कराने में भी सहूलियत मिलेगी।

__ दरारों वाली दीवारें, टपकती छत और सांप-बिच्छुओं का खतरा
वर्तमान थाना भवन की बदहाली लंबे समय से पुलिसकर्मियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं और बारिश में छत से पानी टपकता है। रात के समय सांप-बिच्छुओं की मौजूदगी से खतरा भी बना रहता है। पुरानी पेपर मिल का भवन शुरुआत में अस्थायी तौर पर पुलिस को दिया गया था, लेकिन करीब 23 साल बाद भी थाना इसी परिसर में संचालित हो रहा है। बुनियादी सुविधाओं की कमी के बीच पुलिसकर्मियों को काम करना पड़ रहा है, जबकि फरियादियों को भी बेहतर व्यवस्था का इंतजार था।

__ निरीक्षण और आश्वासन के बाद भी एक साल से ज्यादा की देरी
नए भवन के निर्माण की पहल लंबे समय से चल रही थी। पिछले वर्ष मार्च में बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के तत्कालीन डीजी सह सीएमडी आलोक राज और डीआईजी सत्य प्रकाश ने थाना परिसर का निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने मिट्टी जांच के बाद मई-जून 2025 तक निर्माण शुरू कराने का आश्वासन दिया था। स्टैंडर्ड पेनिट्रेशन टेस्ट यानी मिट्टी जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद काम शुरू होने में एक साल से अधिक की देरी हुई।थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने पदस्थापना के बाद जर्जर भवन से मुक्ति और लंबित निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए भवन निर्माण विभाग को तीन बार पत्र लिखा। करीब छह माह पहले भूमिपूजन के बाद निर्माण कार्य ने गति पकड़ी है। अब उम्मीद है कि तय समयसीमा में भवन तैयार होने से नया भोजपुर थाने को आधुनिक आधारभूत संरचना मिलेगी और क्षेत्र में पुलिसिंग व्यवस्था अधिक सुविधाजनक बनेगी।


