काल के गाल में समाया महाकाल का दर्शन करने गया डुमरांव का युवक
बाबा महाकाल के दर्शन की अभिलाषा लेकर घर से निकले डुमरांव के एक शख्स को क्या पता था कि उसकी यह यात्रा जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगी। उज्जैन में महाकाल के दर्शन की आस लिए पहुंचे पप्पू चौधरी (40 वर्ष) की रविवार की रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। उनकी मौत की खबर मिलते ही डुमरांव स्थित उनके घर में मातम पसर गया।

__ उज्जैन में हार्ट अटैक से 40 वर्षीय राजमिस्त्री की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़; पत्नी, तीन बेटियों और एक बेटे के सिर से उठा पिता का साया
केटी न्यूज/डुमरांव।
बाबा महाकाल के दर्शन की अभिलाषा लेकर घर से निकले डुमरांव के एक शख्स को क्या पता था कि उसकी यह यात्रा जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगी। उज्जैन में महाकाल के दर्शन की आस लिए पहुंचे पप्पू चौधरी (40 वर्ष) की रविवार की रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। उनकी मौत की खबर मिलते ही डुमरांव स्थित उनके घर में मातम पसर गया। जिस परिवार को खुशियां देने और भविष्य संवारने के लिए वह दिन-रात मेहनत करते थे, उसी परिवार को अब उनके लौटने का इंतजार नहीं, बल्कि उनकी पार्थिव देह आने की राह देखनी पड़ रही है।मृतक पप्पू चौधरी, पिता गुलाब चौधरी, डुमरांव नगर के वार्ड संख्या 28 स्थित छठिया पोखरा, पति कुर्मी की गली के निवासी थे।

वह राजमिस्त्री के साथ ठेकेदारी का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।दो दिन पहले वह अपने चार-पांच दोस्तों के साथ उज्जैन के लिए रवाना हुए थे। यात्रा को लेकर मन में उत्साह रहा होगा, लेकिन रविवार की रात अचानक आए हार्ट अटैक ने उनकी जिंदगी की डोर तोड़ दी।स्थानीय निवासी एवं पूर्व पार्षद सोनू राय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पप्पू चौधरी अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियों और एक बेटे समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी असमय मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

परिवार के लिए यह क्षति केवल एक सदस्य को खोने का गम नहीं, बल्कि घर की जिम्मेदारियों और भविष्य से जुड़ी बड़ी चिंता भी है।सोनू राय के अनुसार, पप्पू के साथी उनकी पार्थिव देह लेकर डुमरांव के लिए रवाना हो गए हैं। उनके घर पहुंचते ही पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ने की आशंका है। महाकाल के दर्शन की चाह में निकले पप्पू का यूं दुनिया से विदा हो जाना एक ऐसा दर्द छोड़ गया है, जिसकी टीस उनके परिवार को लंबे समय तक सालती रहेगी।


