किताबी ज्ञान से कॉरपोरेट दुनिया तक, एमवी कॉलेज के छात्रों ने सीखा सफलता का मंत्र
किताबी ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने और विद्यार्थियों को रोजगार की बदलती दुनिया के लिए तैयार करने की दिशा में महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में शुक्रवार को महाविद्यालय के बीबीए एवं बीसीए के 30 विद्यार्थियों ने पटना स्थित इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (आईएसएम) द्वारा आयोजित एक्सपीरिएंशियल लर्निंग एवं स्टूडेंट्स एक्सचेंज प्रोग्राम में भाग लिया।


__ पटना में एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम के तहत 30 विद्यार्थियों ने लिया प्रशिक्षण, प्रबंधन, तकनीक और उद्यमिता की बारीकियों से हुए रूबरू
केटी न्यूज/बक्सर।
किताबी ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने और विद्यार्थियों को रोजगार की बदलती दुनिया के लिए तैयार करने की दिशा में महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में शुक्रवार को महाविद्यालय के बीबीए एवं बीसीए के 30 विद्यार्थियों ने पटना स्थित इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (आईएसएम) द्वारा आयोजित एक्सपीरिएंशियल लर्निंग एवं स्टूडेंट्स एक्सचेंज प्रोग्राम में भाग लिया। इस शैक्षणिक यात्रा के दौरान विद्यार्थियों को प्रबंधन, तकनीकी शिक्षा, उद्यमिता और कॉरपोरेट जगत की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक दक्षता और भविष्य के करियर की चुनौतियों के लिए तैयार करना था।


महाविद्यालय के प्रधानाचार्य सह बीबीए एवं बीसीए निदेशक प्रो. डॉ. कृष्ण कांत सिंह ने विद्यार्थियों के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और रोजगारपरक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए व्यावहारिक अनुभव बेहद जरूरी है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का वास्तविक परिस्थितियों में उपयोग करने की समझ देते हैं।


__केस स्टडी से कॉरपोरेट कार्यसंस्कृति तक की समझ
आईएसएम, पटना में आयोजित विभिन्न सत्रों में विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिला। प्रो. डॉ. पूजा दुबे ने ‘मोटिफ्स फॉर एक्शन-ए केस स्टडी’ के माध्यम से प्रबंधन संबंधी विषयों को समझाया। प्रो. रवि सिंह ने तकनीकी ज्ञान की बढ़ती जरूरत पर प्रकाश डाला, जबकि प्रो. प्रभाकर कुमार ने कर्मचारी और उद्यमी की भूमिकाओं से अवगत कराया। वहीं, ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट अधिकारी नीरू कुमारी ने ‘कैंपस टू कॉरपोरेट’ सत्र में कॉरपोरेट जगत की अपेक्षाओं, रोजगार के अवसरों और करियर निर्माण के महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। विद्यार्थियों को संस्थान के निदेशक एवं अकादमिक प्रमुख से संवाद करने का अवसर भी मिला।

__इतिहास और विरासत से भी हुए परिचित
शैक्षणिक कार्यक्रम के बाद विद्यार्थियों ने बापू टावर का भ्रमण किया। यहां उन्हें बिहार के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व को जानने-समझने का अवसर मिला। इस तरह यह यात्रा व्यावसायिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक समझ विकसित करने का भी माध्यम बनी।इस कार्यक्रम के आयोजन में बीसीए समन्वयक सैकत देबनाथ की अहम भूमिका रही। बीबीए समन्वयक डॉ. पंकज कुमार चौधरी के नेतृत्व में शिक्षक अरविंद कुमार मिश्रा, सरोज कुमारी सर्राफ, यथार्थ राज, मधुसूदन कुमार एवं अरुण कुमार ओझा भी विद्यार्थियों के साथ मौजूद रहे। शिवम भारद्वाज ने भी कार्यक्रम के सफल संचालन एवं विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।विद्यार्थियों ने इस अनुभव को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें भविष्य की व्यावसायिक संभावनाओं को समझने में मदद मिली। महाविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास के लिए इस तरह की पहल जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।

