दुगोला गायकी की जुगलबंदी पर रातभर झूमे श्रद्धालु, घुरहूपुर में भक्ति का उमड़ा सैलाब

मां दुर्गा की आराधना, भक्तिमय गीतों की गूंज और लोक संस्कृति की मनमोहक छटा के बीच घुरहूपुर में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्री महादुर्गा पूजा समिति घुरहूपुर के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने शिरकत की।

दुगोला गायकी की जुगलबंदी पर रातभर झूमे श्रद्धालु, घुरहूपुर में भक्ति का उमड़ा सैलाब

__ स्वामीनाथ व्यास और कमलेश देहाती की प्रस्तुतियों ने बांधा समां, मां दुर्गा के जयकारों से गूंज उठा पूजा पंडाल

केटी न्यूज/ब्रह्मपुर।

मां दुर्गा की आराधना, भक्तिमय गीतों की गूंज और लोक संस्कृति की मनमोहक छटा के बीच घुरहूपुर में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्री महादुर्गा पूजा समिति घुरहूपुर के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने शिरकत की। प्रसिद्ध व्यास स्वामीनाथ व्यास और कमलेश देहाती के बीच हुई दुगोला गायकी की शानदार जुगलबंदी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। दोनों कलाकारों की प्रस्तुतियों पर श्रोता देर तक झूमते रहे और पूरा आयोजन स्थल मां दुर्गा के जयकारों से गूंजता रहा।

कार्यक्रम का उद्घाटन बचाधारी राय, राकेश चौबे, धनजी पांडे, मोहित राय, परवीन राय, झामलाल राय एवं बिपुल राय ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ। कलाकारों ने अपनी गायकी और प्रभावशाली प्रस्तुति से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। भक्ति गीतों के माध्यम से मां दुर्गा की महिमा का गुणगान किया गया, जिससे पूरा माहौल भक्तिरस में डूब गया।दुगोला कार्यक्रम के दौरान स्वामीनाथ व्यास और कमलेश देहाती ने अपनी गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोनों कलाकारों की प्रस्तुति पर श्रद्धालुओं ने जमकर उत्साह दिखाया।

देर तक चले कार्यक्रम में भक्ति और लोक संगीत का अनूठा संगम देखने को मिला। ग्रामीणों की भारी भागीदारी ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।कार्यक्रम का सफल संचालन पवन राय ने किया। अपनी प्रभावशाली संचालन शैली से उन्होंने दर्शकों को पूरे समय जोड़े रखा। आयोजन को सफल बनाने में पूजा समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ब्लू राय, मुना राय, छोटक राय, गोलू राय, पीयूष राय, उमेश गुप्ता, राजकिशोर यादव, कमेश्वर राय, रवीन्द्र राय, शिवम राय और मुना पांडेय सहित दर्जनों सदस्यों ने सक्रिय योगदान दिया।इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ ग्रामीण सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का संदेश दिया।