भक्ति और ज्ञान का महासंगम रू कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ
डुमरांव नगर एक बार फिर धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना के रंग में रंग गया है। ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध बड़ी संगत उदासीन मठ परिसर में सोमवार को भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े और पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
-- सात दिनों तक गूंजेगा हरि नाम, कथा श्रवण से होगा धर्म, भक्ति और सदाचार का प्रसार
केटी न्यूज/बक्सर
डुमरांव नगर एक बार फिर धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना के रंग में रंग गया है। ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध बड़ी संगत उदासीन मठ परिसर में सोमवार को भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े और पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।कलश यात्रा धार्मिक परंपराओं के अनुरूप निकाली गई, जिसमें श्रद्धालु महिलाओं ने सिर पर पवित्र कलश धारण कर भगवान श्रीकृष्ण और श्रीमद्भागवत की महिमा का गुणगान किया।

ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और भजन-कीर्तन के बीच निकली यात्रा ने पूरे नगर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। यात्रा बड़ी संगत उदासीन मठ परिसर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई पुनः मठ परिसर में संपन्न हुई। मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया, जिससे धर्म और आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिला।

-- सात दिनों तक बहेगी भक्ति की अविरल धारा
आयोजन समिति के अनुसार 21 जनवरी से 27 जनवरी तक प्रतिदिन श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। इस कथा ज्ञान यज्ञ में देश-प्रदेश में प्रसिद्ध कथावाचक मानस माधुरी पाठक श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के दिव्य प्रसंगों का रसपान कराएंगी। उनकी कथा शैली सरल, भावपूर्ण और भक्तिभाव से परिपूर्ण मानी जाती है, जिससे हर वर्ग के श्रोता सहज रूप से कथा से जुड़ जाते हैं।कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति, गोवर्धन लीला, रास लीला सहित श्रीमद्भागवत के अनेक प्रेरक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि इन कथाओं के श्रवण से श्रद्धालुओं के जीवन में भक्ति, संयम और सदाचार का भाव जागृत होता है।

-- धर्म और सद्भाव का संदेश
आयोजन समिति ने बताया कि कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने, प्रकाश, ध्वनि, पेयजल और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है। स्वयंसेवकों की तैनाती कर पूरे आयोजन को सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है। डुमरांव ही नहीं, बल्कि आसपास के प्रखंडों और दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।स्थानीय लोगों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

श्रद्धालुओं का मानना है कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शन भी है। आयोजकों के अनुसार इस ज्ञान यज्ञ का उद्देश्य समाज में धर्म, शांति, सद्भाव और नैतिक मूल्यों का प्रसार करना है। माना जा रहा है कि यह आयोजन डुमरांव के धार्मिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा और लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।

