इतिहास से रूबरू हुए छात्र: केपी प्लस टू उच्च विद्यालय डुमरी के छात्रों का रोहतास में शैक्षणिक परिभ्रमण
मुख्यमंत्री शैक्षणिक परिभ्रमण योजना के तहत शनिवार को केपी प्लस टू उच्च विद्यालय, डुमरी के छात्र-छात्राओं ने रोहतास (सासाराम) की ऐतिहासिक धरा पर ज्ञानवर्धक यात्रा की। प्रधानाध्यापक उपेन्द्र राय के नेतृत्व में आयोजित इस एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण में विद्यार्थियों ने इतिहास, धर्म, पौराणिकता और भूगोल से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थलों का अवलोकन किया।
-- शेरशाह सूरी के मकबरे से लेकर प्राचीन धरोहरों तक, ज्ञान और अनुभव का मिला अनोखा संगम
केटी न्यूज/डुमरांव
मुख्यमंत्री शैक्षणिक परिभ्रमण योजना के तहत शनिवार को केपी प्लस टू उच्च विद्यालय, डुमरी के छात्र-छात्राओं ने रोहतास (सासाराम) की ऐतिहासिक धरा पर ज्ञानवर्धक यात्रा की। प्रधानाध्यापक उपेन्द्र राय के नेतृत्व में आयोजित इस एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण में विद्यार्थियों ने इतिहास, धर्म, पौराणिकता और भूगोल से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थलों का अवलोकन किया।परिभ्रमण का मुख्य आकर्षण था शेरशाह सूरी का मकबरा, जो भारत की मध्यकालीन स्थापत्य कला का अद्भुत नमूना माना जाता है।

विशाल कृत्रिम जलाशय के बीच स्थित यह मकबरा अफगान शासक शेरशाह सूरी की स्मृति में 16वीं शताब्दी में बनवाया गया था।इसकी भव्यता, लाल बलुआ पत्थर की नक्काशी और स्थापत्य शैली ने छात्रों को खासा प्रभावित किया।छात्रों ने रोहतास जिले के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। शिक्षकों ने उन्हें रोहतासगढ़ किला के ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराया। कैमूर पहाड़ियों पर स्थित यह किला प्राचीन काल से सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। शेरशाह सूरी ने भी इसे अपने शासनकाल में सुदृढ़ कराया था। किले की ऊंचाई से आसपास का प्राकृतिक दृश्य छात्रों के लिए रोमांचकारी अनुभव रहा।

बता दें कि धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से भी रोहतास की भूमि समृद्ध है। विद्यार्थियों को ताराचंडी मंदिर के बारे में बताया गया, जो मां दुर्गा को समर्पित प्राचीन शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। कैमूर की पहाड़ियों की तलहटी में स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।भ्रमण के दौरान शिक्षक विभिन्न स्थलों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और भौगोलिक विशेषताओं की जानकारी देते रहे, जिसे छात्र-छात्राएं अपनी नोटबुक में दर्ज करते नजर आए। छात्रों का उत्साह देखते ही बन रहा था। वे न केवल इन धरोहरों को देखकर अभिभूत थे, बल्कि उनके महत्व को समझने के प्रति भी गंभीर दिखे।

परिभ्रमण का नेतृत्व प्रधानाध्यापक उपेन्द्र राय कर रहे थे। उनके साथ वरिष्ठ शिक्षक रंजन कुमार, संजय कुमार दूबे, मोहम्मद अशफाक, श्रीभगवान शर्मा, दिलीप कुमार और अनीश कुमार समेत दर्जनों छात्र-छात्राएं शामिल रहे।शिक्षकों ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण से छात्रों को किताबों में पढ़े गए विषयों को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलता है। शाम को सभी छात्र सुरक्षित वापस लौट आए, लेकिन उनके मन में रोहतास की ऐतिहासिक स्मृतियां लंबे समय तक जीवंत रहेगी।

