रांची विवि के पहले पीएचडी डिग्रीधारक थे डाक्टर सत्यदेव - आरसी ओझा

रांची वि. वि. के पहले पीएचडी डिग्री धारक डाक्टर सत्यदेव ओझा थे। वे को-आपरेटिव कालेज-टाटा में प्रोफेसर थे। उनके नाम पर छात्रवृत्ति योजना का शुभारंभ करना हर्ष का विषय है। उक्त बातें रविवार को बड़का सिंहनपुरा प्राथमिक विद्यालय में सेवानिवृत सीनियर डिविजनल कमांडेंट रामचंद्र ओझा ने कहीं। वे विकास परिषद की ओर से आयोजित डाक्टर सत्यदेव ओझा छात्रवृत्ति वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

रांची विवि के पहले पीएचडी डिग्रीधारक थे डाक्टर सत्यदेव - आरसी ओझा

-- बड़कासिंहनपुरा में छात्रवृत्ति वितरण समारोह का आयोजन

-- दो छात्र एवं दो छात्राओं को पांच- पांच हजार रुपए की नकद राशि मिली

केटी न्यूज/सिमरी  

रांची वि. वि. के पहले पीएचडी डिग्री धारक डाक्टर सत्यदेव ओझा थे। वे को-आपरेटिव कालेज-टाटा में प्रोफेसर थे। उनके नाम पर छात्रवृत्ति योजना का शुभारंभ करना हर्ष का विषय है। उक्त बातें रविवार को बड़का सिंहनपुरा प्राथमिक विद्यालय में सेवानिवृत सीनियर डिविजनल कमांडेंट रामचंद्र ओझा ने कहीं। वे विकास परिषद की ओर से आयोजित डाक्टर सत्यदेव ओझा छात्रवृत्ति वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज डाक्टर सत्यदेव ओझा के सुपुत्र संतोष ओझा की ओर उनके नाम पर मैट्रिक के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जा रही है।इस पुरस्कार वितरण का आयोजन विकास परिषद-बड़का सिंहनपुरा की ओर से किया जा रहा है।

दोनों को मैं धन्यवाद देना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ खेलकूद भी बच्चों के सर्वागीण विकास के लिये आवश्यक बताया। गांव में खेल का मैदान आवश्यक है। कहा कि सफलता पाने वाले की सराहना करनी चाहिए लेकिन विफल होने वाले को हतोत्साहित नहीं करना चाहिए। प्रतिभा सबमें होती है। विकास परिषद के अध्यक्ष हेमचंद्र ओझा ने कहा कि इस तरह की छात्रवृत्ति योजना अगर कोई अपने पूर्वज के नाम पर करना चाहता है तो ऐसे आयोजनों को साकार रूप विकास परिषद देगी। ग्राम स्तर पर सरकारी विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति और पठन-पाठन में शिथिलता पर अध्ययन तथा समाधान के लिए विकास परिषद एक कमेटी भी गठित करेगी।परिषद के उपाध्यक्ष जगदीश ओझा ने कहा कि बच्चे आदर्श लोगों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ें क्योंकि वे क्षमतावान हैं।

इस अवसर पर सीबीएसई बोर्ड से बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रियानी ओझा, अविनाश कुमार दूबे, और बिहार बोर्ड से बेहतर प्रदर्शन के लिए सोनू कुमार व खुशबू कुमारी को पांच- पांच हजार रुपए की नकद राशि, प्रशस्ति पत्र व मोमेंटो दिया गया। सचिव रामाशंकर ने ओझा, मुखिया विरेन्द्र पाठक, सरपंच नीरज पांडेय, प्रो. हृदयानंद ओझा, विनय शंकर ओझा ,रामनाथ ओझा, सुरेश तिवारी, रमेश ओझा सहित अन्य ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। धन्यवाद ज्ञापन के दौरान दिलीप कुमार ओझा ने कहा कि यह छात्रवृत्ति योजना अगले पांच साल तक जारी रहेगी। कार्यक्रम को सफल बनाने में रुन्ने ओझा की भूमिका सराहनीय रही। मंच संचालन गोपाल कृष्ण ओझा ने किया। इस अवसर पर विनोद ओझा, सुरेंद्र ओझा, वृज बिहारी ओझा, निरंजन ओझा, संतोष ओझा सहित अन्य मौजूद थे।