मनरेगा संग्राम के तहत ब्रह्मपुर में कांग्रेस का आंदोलन, मजदूरों ने उठाई समस्याएं
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार 13 जनवरी से शुरू किए गए मनरेगा संग्राम कार्यक्रम के तहत मंगलवार को ब्रह्मपुर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में एक व्यापक जनआंदोलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत रघुनाथपुर ग्राम से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूरों, महिलाओं, युवाओं एवं ग्रामीणों ने भाग लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
-- मनरेगा को कमजोर करने का आरोप, कांग्रेस ने गांव-गांव आंदोलन तेज करने का किया ऐलान
केटी न्यूज/बक्सर
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार 13 जनवरी से शुरू किए गए मनरेगा संग्राम कार्यक्रम के तहत मंगलवार को ब्रह्मपुर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में एक व्यापक जनआंदोलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत रघुनाथपुर ग्राम से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूरों, महिलाओं, युवाओं एवं ग्रामीणों ने भाग लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।मनरेगा योजना में कथित छेड़छाड़ और मजदूरों के अधिकारों में कटौती के विरोध में चल रहे इस आंदोलन को ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक समर्थन मिला।

मौके पर मौजूद मनरेगा मजदूरों ने मजदूरी भुगतान में देरी, काम के दिनों में कटौती, जॉब कार्ड से जुड़ी समस्याओं सहित अपनी विभिन्न परेशानियों को खुलकर सामने रखा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि मनरेगा योजना यूपीए सरकार की एक ऐतिहासिक और विश्वस्तरीय योजना थी, जिसे तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह एवं कांग्रेस नेता श्रीमती सोनिया गांधी के नेतृत्व में मजबूती दी गई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान मोदी सरकार ने मनरेगा को कमजोर कर गरीब मजदूरों के हक पर चोट की है, जबकि बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।डॉ. पांडे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस अन्याय के खिलाफ अंतिम दम तक संघर्ष करेगी।उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम को हटाने और योजना को कमजोर करने का षड्यंत्र किया जा रहा है, जिसका पर्दाफाश कांग्रेस गांव-गांव जाकर करेगी। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक आक्रामक रूप लेगा।

बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त प्रभारी मृणाल अनामय ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम और उनके विचारों के साथ छेड़छाड़ बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के 100 दिनों के रोजगार की गारंटी को कमजोर करना लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है, जिसे कांग्रेस कभी स्वीकार नहीं करेगी।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजू वर्मा ने की। आंदोलन में वरिष्ठ कांग्रेस नेता भोला ओझा, लालबाबू मिश्रा, डॉ. चंद्रशेखर पाठक, मोहम्मद जलील अंसारी, राजेश पांडे, गौतम वर्मा, गंगेश्वर पांडे, तारकेश्वर पाठक, दीपक कुमार, सरवन कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

