डिजिटल दौर में उपभोक्ता बनेगा सशक्त, बक्सर में अधिकारों की अलख जगाएंगे डॉ. श्रवण कुमार तिवारी
अब ठगे जाने पर उपभोक्ता को चुप रहने की जरूरत नहीं होगी। डिजिटल तकनीक और सरकारी पहलों के सहारे उपभोक्ता अपने अधिकारों की रक्षा खुद कर सकेगा। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के संकेत पटना में आयोजित एकदिवसीय उपभोक्ता संरक्षण कार्यशाला से मिले, जिसमें बक्सर जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद के सदस्य डॉ. श्रवण कुमार तिवारी ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
केटी न्यूज/बक्सर
अब ठगे जाने पर उपभोक्ता को चुप रहने की जरूरत नहीं होगी। डिजिटल तकनीक और सरकारी पहलों के सहारे उपभोक्ता अपने अधिकारों की रक्षा खुद कर सकेगा। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के संकेत पटना में आयोजित एकदिवसीय उपभोक्ता संरक्षण कार्यशाला से मिले, जिसमें बक्सर जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद के सदस्य डॉ. श्रवण कुमार तिवारी ने सक्रिय भागीदारी निभाई।उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित इस कार्यशाला में पूर्वी भारत के विभिन्न राज्यों से आए विशेषज्ञों, अधिकारियों और उपभोक्ता प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यशाला का मुख्य फोकस डिजिटल माध्यमों के जरिए उपभोक्ता शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निपटारे पर रहा। ई-जागृति पोर्टल, मोबाइल ऐप और राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि आज के ऑनलाइन और डिजिटल बाजार में उपभोक्ताओं के सामने नई तरह की चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। ऐसे में जरूरी है कि उपभोक्ता अपने अधिकारों को जानें और उपलब्ध शिकायत निवारण साधनों का सही उपयोग करें। वक्ताओं ने उपभोक्ता शिक्षा, जागरूकता अभियान और तकनीक आधारित समाधान को उपभोक्ता संरक्षण की रीढ़ बताया।

कार्यशाला से लौटने के बाद डॉ. श्रवण कुमार तिवारी ने बक्सर जिले में उपभोक्ता जागरूकता को नई दिशा देने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि जागृति ऐप और उपभोक्ता शिकायत नंबर 1915 को गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। डॉ. तिवारी के अनुसार इन डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपभोक्ता घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं और समयबद्ध समाधान प्राप्त कर सकते हैं।उन्होंने विश्वास जताया कि यदि इन सुविधाओं का सही प्रचार-प्रसार किया जाए, तो बक्सर जिले में उपभोक्ता न सिर्फ जागरूक होंगे, बल्कि अपने अधिकारों के प्रति आत्मविश्वास से भरे भी नजर आएंगे। यह पहल आने वाले समय में उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत आधार देने वाली साबित हो सकती है।

