मुंगांव में जनता दरबार से स्कूल निरीक्षण तक: पुलिस की सक्रियता से सुलझे विवाद, बढ़ा भरोसा
कोरानसराय थाना क्षेत्र के मुंगांव गांव में मंगलवार को आयोजित जनता दरबार ने पुलिस और ग्रामीणों के बीच भरोसे की एक मजबूत कड़ी को और सुदृढ़ कर दिया। थानाध्यक्ष माधुरी कुमारी की अध्यक्षता में हुए इस दरबार में ग्रामीणों की समस्याओं को सीधे सुना गया और त्वरित कार्रवाई के जरिए समाधान की दिशा तय की गई। जनता दरबार का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि मौके पर ही व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित करना रहा।
केटी न्यूज/डुमरांव
कोरानसराय थाना क्षेत्र के मुंगांव गांव में मंगलवार को आयोजित जनता दरबार ने पुलिस और ग्रामीणों के बीच भरोसे की एक मजबूत कड़ी को और सुदृढ़ कर दिया। थानाध्यक्ष माधुरी कुमारी की अध्यक्षता में हुए इस दरबार में ग्रामीणों की समस्याओं को सीधे सुना गया और त्वरित कार्रवाई के जरिए समाधान की दिशा तय की गई। जनता दरबार का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि मौके पर ही व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित करना रहा।दरबार में कुल तीन मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन किया गया। इनमें दो विवाद रास्ते से जुड़े थे, जबकि एक मामला आपसी झगड़े और विधिक प्रक्रिया से संबंधित था।

सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए थानाध्यक्ष ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। रास्ते और जमीन से जुड़े दो अन्य मामलों में भूमि मापी की आवश्यकता सामने आई, जिस पर अंचलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर विधिवत मापी कराने का आश्वासन दिया गया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मापी पूरी होने तक विवादित स्थल पर किसी भी पक्ष की गतिविधि पर रोक के निर्देश भी दिए गए।इसी दौरान गांव के एक युवक द्वारा लोगों से पैसे लेकर वापस नहीं करने की शिकायत सामने आई। मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष ने संबंधित पक्ष को तलब कर आवश्यक कार्रवाई की और पीड़ितों को न्याय का भरोसा दिलाया। इस त्वरित हस्तक्षेप से ग्रामीणों में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ।

जनता दरबार के बाद थानाध्यक्ष माधुरी कुमारी ने गांव के कई सरकारी विद्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विधि-व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम, बच्चों की उपस्थिति और परिसर की निगरानी व्यवस्था पर शिक्षकों से विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने बाहरी गतिविधियों पर नियंत्रण और बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर आवश्यक सुझाव दिए। छोटे छात्र-छात्राओं से संवाद कर उन्होंने पढ़ाई, स्कूल सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़ी बातों को जाना तथा निर्भीक होकर शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया।ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जनता दरबार और स्कूल निरीक्षण जैसे कदम न केवल विवादों को सुलझाते हैं, बल्कि गांव में शांति, सुरक्षा और विश्वास का माहौल भी बनाते है।

