आचार्य सम्मेलन 2026: ‘पंच प्राण’ से गढ़ी जाएगी नई पीढ़ी, शिक्षा से समाज निर्माण का संकल्प
शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर उसे समाज निर्माण का माध्यम बनाने के उद्देश्य से सरस्वती विद्या मंदिर अहिरौली में शनिवार से तीन दिवसीय भोजपुर विभाग आचार्य सम्मेलन 2026 की शुरुआत हुई। यह सम्मेलन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान के अंतर्गत भारती शिक्षा समिति एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति बिहार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जो 2 फरवरी तक चलेगा।
-- सरस्वती विद्या मंदिर अहिरौली में तीन दिवसीय सम्मेलन शुरू, 300 से अधिक आचार्य-दीदी ले रहे भाग
केटी न्यूज/बक्सर
शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर उसे समाज निर्माण का माध्यम बनाने के उद्देश्य से सरस्वती विद्या मंदिर अहिरौली में शनिवार से तीन दिवसीय भोजपुर विभाग आचार्य सम्मेलन 2026 की शुरुआत हुई। यह सम्मेलन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान के अंतर्गत भारती शिक्षा समिति एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति बिहार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जो 2 फरवरी तक चलेगा।सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं विद्या भारती के प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी सतीश चंद्र त्रिपाठी ने की, जबकि आभार ज्ञापन विद्यालय के सचिव डॉ. हनुमान प्रसाद अग्रवाल ने किया।

संचालन बांका के विभाग निरीक्षक ब्रह्मदेव प्रसाद ने किया। अतिथियों का स्वागत एवं परिचय उप प्रधानाचार्य मनोरंजन कुमार ने कराया।अपने संबोधन में मुख्य अतिथि प्रदीप कुमार कुशवाहा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप शिक्षण कार्य को आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने ‘पंच प्राण’ की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के माध्यम से ही एक बेहतर, संस्कारवान और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने आदर्श आचार्य की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नींव रखने वाला मार्गदर्शक होता है।सम्मेलन में आदर्श शिक्षण पद्धतियों, नवाचार आधारित शिक्षा और बच्चों में नवीन विषयों के प्रति रुचि विकसित करने पर विशेष चर्चा की जा रही है।

विभाग प्रमुख लाल बाबू प्रसाद यादव ने प्रस्तावना रखते हुए बताया कि इस मंच पर विगत सत्र की गतिविधियों की समीक्षा के साथ-साथ आगामी सत्र की योजनाओं पर मंथन किया जाएगा।इस सम्मेलन में भोजपुर और बक्सर जिले के विभिन्न सरस्वती शिशु मंदिरों एवं विद्या मंदिरों से 300 से अधिक आचार्य एवं दीदी भाग ले रहे हैं। सत्रों के दौरान बालक विकास, आचार्य विकास, विद्यालय विकास और अभिभावक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा।मौके पर भोला केसरी, उमाशंकर पोद्दार, सतीश कुमार सिंह, धरनी कांत पांडेय, परमेश्वर कुमार, गंगा चौधरी, संजीव कुमार, शैलेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, मनोज पांडेय, जैनेंद्र कुमार, विकास दूबे, नरेंद्र कुमार, अजीत दुबे, सुलेखा देवी सहित कई शिक्षाविद और समाजसेवी उपस्थित रहे।

