लाखन डिहरा में भक्ति की बही रसधार, 55वें धार्मिक महोत्सव में उमड़े श्रद्धालु
डुमरांव प्रखंड के लाखन डिहरा गांव में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर भक्ति और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। गांव के पोखरा स्थित शिव मंदिर एवं हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित 55वें वार्षिक धार्मिक महोत्सव में श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो रहे हैं।

__ श्रीरामचरितमानस पाठ के बाद शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा, अयोध्या की कथावाचिका किशोरी प्रज्ञा पांडेय कर रहीं अमृतवाणी की वर्षा
केटी न्यूज/डुमरांव।
डुमरांव प्रखंड के लाखन डिहरा गांव में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर भक्ति और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। गांव के पोखरा स्थित शिव मंदिर एवं हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित 55वें वार्षिक धार्मिक महोत्सव में श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो रहे हैं। पांच दिवसीय इस आयोजन में श्रीरामचरितमानस पाठ और श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से धार्मिक वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रोफेसर नंद जी दुबे कर रहे हैं।महोत्सव की शुरुआत गुरुवार की सुबह 24 घंटे के अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ से हुई। शुक्रवार की सुबह पाठ का विधिवत समापन किया गया।

इस धार्मिक अनुष्ठान में उच्च विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। सामूहिक पाठ के दौरान पूरा मंदिर परिसर राममय हो गया और श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ प्रभु श्रीराम का स्मरण किया।इसके बाद शुक्रवार की दोपहर तीन बजे से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। अयोध्या से पधारीं कथावाचिका सुश्री किशोरी प्रज्ञा पांडेय अपनी मधुर वाणी से श्रद्धालुओं को भागवत कथा का रसपान करा रही हैं। प्रतिदिन दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक चलने वाली कथा को सुनने के लिए आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा स्थल पर भक्तों की बढ़ती उपस्थिति धार्मिक आयोजन के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शा रही है।

आयोजन को सफल बनाने में सोनू दुबे, संतोष दुबे, हरेंद्र दुबे, संतोष सिंह, जगनारायण दुबे, कमलेश दुबे, सूरज नाथ सिंह और धनी भगत सिंह सहित समस्त ग्रामीणों का सराहनीय सहयोग मिल रहा है।आयोजकों के अनुसार, श्रीमद्भागवत कथा का समापन 26 अक्टूबर, सोमवार को होगा। इसके बाद विधिवत हवन-पूजन और प्रसाद वितरण किया जाएगा। धार्मिक अनुष्ठान के जरिए गांव में आध्यात्मिक चेतना, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश प्रसारित हो रहा है।


