केसठ में चैती छठ पूजा की तैयारी शुरू, घाटों पर युवकों ने बनाई वेदी

प्रखंड क्षेत्र के केसठ स्थित प्रखंड परिसर पोखरा में चैती छठ पूजा की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। घाटों की साफ-सफाई के साथ-साथ स्थानीय युवकों द्वारा पूजा के लिए वेदी का निर्माण किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।छठ पूजा सेवा समिति प्रखंड परिसर पोखरा केसठ के अध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि व्रतियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घाटों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। समिति के सभी सदस्य श्रद्धालुओं और भक्तों की सेवा में पूरी तरह तत्पर हैं।

केसठ में चैती छठ पूजा की तैयारी शुरू, घाटों पर युवकों ने बनाई वेदी

केटी न्यूज/केसठ।

 प्रखंड क्षेत्र के केसठ स्थित प्रखंड परिसर पोखरा में चैती छठ पूजा की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। घाटों की साफ-सफाई के साथ-साथ स्थानीय युवकों द्वारा पूजा के लिए वेदी का निर्माण किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।छठ पूजा सेवा समिति प्रखंड परिसर पोखरा केसठ के अध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि व्रतियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घाटों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। समिति के सभी सदस्य श्रद्धालुओं और भक्तों की सेवा में पूरी तरह तत्पर हैं।उन्होंने जानकारी दी कि मंगलवार को छठ पूजा का पहला अर्घ्य और बुधवार को दूसरा अर्घ्य श्रद्धापूर्वक अर्पित किया जाएगा। पूजा को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। वही बाजारों में चहल पहल दिखी।

__ खरना कर छठ व्रतियों ने किया प्रसाद ग्रहण

लोक आस्था का चार दिवसीय चैती छठ महापर्व रविवार से ही नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया है।व्रत रखने वाली श्रद्धालु महिलाओं ने नहाय- खाय के बाद सोमवार को खरना किया। व्रतियों ने स्नान ध्यान कर पूजा अर्चना की। इन व्रतियों ने स्वयं बनाकर प्रसाद ग्रहण कर घर-घर प्रसाद भी वितरण किया।वहीं छठ  व्रती अर्घ्य देने की तैयारी में जुट गईं हैं। मंगलवार को भगवान भास्कर को पहला अ‌र्घ्य और बुधवार को दूसरा अर्घ्य दिया जाएगा।इस दौरान पूजन सामग्री की खरीदारी को लेकर बाजार में चहल पहल रही। छठ व्रती अपनी मनोकामना पूर्ण के लिए छठ का व्रत रखकर सूर्य भगवान की पूजा अर्चना करती हैं।महिलाएं इस पर्व पर व्रत रखने और अर्घ्य देनेकी तैयारी कर रहीं हैं। छठ के लोक गीतों से घर व आंगन गुलजार हो गया है और पूरा वातावरण भक्तिमय बन गया है।