अच्छे कर्मों का फल है मानव जीवन, भक्ति में डूबा दंगौली गांव का महोत्सव

प्रखंड के दंगौली गांव स्थित श्रीराम जानकी मंदिर का 73वां तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हो गया। वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन-पूजन और विशाल भंडारे के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। मंदिर के व्यवस्थापक राम किंकर सिंह उर्फ भिखारी सिंह के नेतृत्व में आयोजन भव्य और सुव्यवस्थित रहा।

अच्छे कर्मों का फल है मानव जीवन, भक्ति में डूबा दंगौली गांव का महोत्सव

केटी न्यूज/केसठ।

प्रखंड के दंगौली गांव स्थित श्रीराम जानकी मंदिर का 73वां तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हो गया। वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन-पूजन और विशाल भंडारे के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। मंदिर के व्यवस्थापक राम किंकर सिंह उर्फ भिखारी सिंह के नेतृत्व में आयोजन भव्य और सुव्यवस्थित रहा।समापन दिवस पर कथावाचक सुखेन त्रिपाठी जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है, जो अनेक जन्मों के पुण्य कर्मों के फलस्वरूप प्राप्त होता है।

उन्होंने जीवन में मर्यादा, सदाचार और ईश्वर स्मरण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि गृहस्थ जीवन जीते हुए भी व्यक्ति आध्यात्मिक ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है।तीन दिनों तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में भजन-कीर्तन, पूजनोत्सव और आरती ने माहौल को भक्तिमय बनाए रखा। अंतिम दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, जिससे मंदिर परिसर पूरी तरह आस्था के सागर में डूबा नजर आया। भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के छठिहार के अवसर पर संतों और कथा वाचकों द्वारा प्रस्तुत सोहर गायन ने लोगों को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान रांची विश्वविद्यालय के हिंदी साहित्य विभागाध्यक्ष पं० जंग बहादुर पाण्डेय ने अपनी राम विषयक पुस्तक मंदिर समिति को भेंट की, जो आयोजन की एक विशेष उपलब्धि रही। अंत में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य अर्जित किया।इस आयोजन को सफल बनाने में कई स्थानीय लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके सहयोग और समर्पण से यह धार्मिक महोत्सव यादगार बन गया।