बक्सर में भागवत कथा का भव्य आयोजन, श्रद्धा और भक्ति में डूबे श्रद्धालु

बक्सर शहर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के बीच संपन्न हो रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर कथा का रसपान कर रहे हैं। इसी क्रम में बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडे भी कथा स्थल पहुंचे और प्रवचन का श्रवण कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की।

बक्सर में भागवत कथा का भव्य आयोजन, श्रद्धा और भक्ति में डूबे श्रद्धालु

__ पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज पांडे ने कहा—धार्मिक आयोजन समाज में भरते हैं सकारात्मक ऊर्जा

केटी न्यूज/बक्सर।

बक्सर शहर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के बीच संपन्न हो रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर कथा का रसपान कर रहे हैं। इसी क्रम में बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडे भी कथा स्थल पहुंचे और प्रवचन का श्रवण कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की।कथा के दौरान प्रहलाद चरित्र, गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, श्रीराम जन्म और श्रीकृष्ण जन्म जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण और प्रेरणादायक वर्णन किया गया। कथा वाचन के दौरान माहौल इतना भक्तिमय हो गया कि श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। पूरा पंडाल भक्ति गीतों और जयकारों से गूंजता रहा।

प्रख्यात ब्रह्मचारी श्री पीतांबर जी महाराज की मधुर और प्रभावशाली वाणी ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके द्वारा प्रस्तुत कथा ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं भगवान के मुख से निकले दिव्य वचन सुनने को मिल रहे हों। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसने पूरे वातावरण को और अधिक पवित्र एवं आध्यात्मिक बना दिया।इस अवसर पर डॉ. मनोज पांडे ने आयोजक आशुतोष कुमार मिश्रा एवं उनकी टीम की सराहना करते हुए उन्हें कोटि-कोटि साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं तथा लोगों को नैतिकता, आस्था और एकता के मार्ग पर अग्रसर करते हैं।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भगवान की लीलाओं का श्रवण न केवल आत्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि समाज को सशक्त और संस्कारित बनाने का माध्यम भी है। ऐसे आयोजनों से प्रेरणा लेकर हमें एक जागरूक और मजबूत समाज के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए।डॉ. पांडे ने आगे कहा कि इस तरह के प्रवचन समाज में प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देते हैं, जिससे राष्ट्र और अधिक सशक्त बनता है।कार्यक्रम में पुरुषों और महिलाओं की भारी उपस्थिति देखने को मिली, जो देर रात तक कथा में डूबे रहे।