सरकारी दफ्तर या ‘महफिल’ का अड्डा: बक्सर परिवहन कार्यालय परिसर से भारी मात्रा में शराब की बोतले बरामद
बिहार में शराबबंदी कानून लागू है, लेकिन गुरूवार को बक्सर जिला परिवहन कार्यालय परिसर से भारी मात्रा में शराब की खाली और भरी बोतले मिली है। जिससे सरकारी दावों की पोल खुल गई है। सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि बोतलें मिलीं, बल्कि यह है कि आखिर एक संवेदनशील सरकारी कार्यालय के भीतर यह सब कब से चलता रहा और किसी जिम्मेदार अधिकारी को भनक तक क्यों नहीं लगी।


-- पुलिस व उत्पाद विभाग कर रही है जांच, सदर एसडीपीओ गौरव पांडेय मौके पर है मौजूद
केटी न्यूज/बक्सर
बिहार में शराबबंदी कानून लागू है, लेकिन गुरूवार को बक्सर जिला परिवहन कार्यालय परिसर से भारी मात्रा में शराब की खाली और भरी बोतले मिली है। जिससे सरकारी दावों की पोल खुल गई है। सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि बोतलें मिलीं, बल्कि यह है कि आखिर एक संवेदनशील सरकारी कार्यालय के भीतर यह सब कब से चलता रहा और किसी जिम्मेदार अधिकारी को भनक तक क्यों नहीं लगी।बताया जा रहा है कि कार्यालय परिसर के नीचे बने कमरों और सरकारी अलमारियों के आसपास से भारी मात्रा में शराब की बोतलें और रैपर बरामद हुए। मामला सामने आते ही परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पुलिस और एसडीपीओ गौरव पांडेय मौके पर पहुंचे। बाद में उत्पाद विभाग की टीम ने भी पहुंचकर जांच शुरू की।

हालांकि प्रशासन फिलहाल इसे केवल बरामदगी का मामला बताकर जांच की बात कर रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों के बीच चर्चा किसी और ही दिशा में है। लोगों का कहना है कि जिस परिसर में रोज अधिकारियों, कर्मचारियों और आम लोगों की आवाजाही रहती हो, वहां इतनी बड़ी मात्रा में शराब का जमा होना सिर्फ “लापरवाही” नहीं माना जा सकता।सबसे ज्यादा सवाल निगरानी व्यवस्था पर उठ रहे हैं। सरकारी कार्यालयों में सीसीटीवी, सुरक्षा कर्मी और नियमित निगरानी की व्यवस्था होने के बावजूद अगर शराब का इस्तेमाल या भंडारण हो रहा था, तो जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की जा रही। चर्चा इस बात की भी है कि क्या यह सिर्फ शराब सेवन का मामला है या फिर परिसर का इस्तेमाल किसी बड़े अवैध नेटवर्क के लिए किया जा रहा था।

घटना के बाद परिवहन कार्यालय की कार्यशैली भी कटघरे में आ गई है। आम लोगों का कहना है कि अगर सरकारी दफ्तर ही कानून का सम्मान नहीं करेंगे, तो फिर आम जनता से सख्ती की उम्मीद कैसी।फिलहाल पुलिस और उत्पाद विभाग जांच में जुटे हैं, लेकिन इस मामले ने प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और शराबबंदी कानून की जमीनी हकीकत पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।एसपी शुभम आर्य ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग के कार्यालय परिसर से शराब की खाली तथा भरी हुई बोतले बरामद हुई है। मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में जो दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

