शहरों में कचरे पर प्रशासन का सख्त डंडा, 24 घंटे में सफाई नहीं तो कार्रवाई
नगर निकाय क्षेत्रों में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ते कचरे को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। साफ-सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जिलाधिकारी साहिला ने कड़े निर्देश जारी करते हुए सभी नगर निकायों के वार्डों की निगरानी के लिए वरीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है।
--डीएम साहिला का आदेश: वार्ड-वार निगरानी के लिए वरीय अधिकारियों की तैनाती, जियो टैग फोटो से होगी मॉनिटरिंग
केटी न्यूज/बक्सर
नगर निकाय क्षेत्रों में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ते कचरे को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। साफ-सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जिलाधिकारी साहिला ने कड़े निर्देश जारी करते हुए सभी नगर निकायों के वार्डों की निगरानी के लिए वरीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है।जारी आदेश के अनुसार अब अधिकारी नियमित रूप से वार्डों का भ्रमण करेंगे और जहां भी कचरा या गंदगी दिखाई देगी उसकी जियो टैग फोटो खींचकर संबंधित नगर निकाय के व्हाट्सऐप ग्रुप में साझा करेंगे। फोटो अपलोड होने के बाद संबंधित नगर निकाय को 24 घंटे के भीतर कचरा हटाकर स्थल की साफ-सफाई करानी होगी।

यदि तय समय में सफाई नहीं हुई तो संबंधित कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि विभिन्न माध्यमों से लगातार यह सूचना मिल रही थी कि कई नगर निकाय क्षेत्रों में सड़कों के किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित रूप से कचरे का उठाव नहीं हो रहा है। इसके कारण कई जगहों पर कचरे का ढेर लग जा रहा है, जिससे प्रदूषण फैलने के साथ ही बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया है।

--वार्ड-वार अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में नगर परिषद बक्सर के वार्डों की निगरानी के लिए अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। वार्ड संख्या 1 से 7 तक की निगरानी अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर सदर करेंगे। वार्ड 8 से 14 तक भूमि सुधार उप समाहर्ता बक्सर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।इसी तरह वार्ड 15 से 21 तथा 22 से 28 तक की निगरानी वरीय उप समाहर्ता बक्सर को दी गई है। वार्ड 29 से 35 तक प्रखंड विकास पदाधिकारी बक्सर और वार्ड 36 से 42 तक अंचलाधिकारी बक्सर को साफ-सफाई व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।

नगर परिषद डुमरांव में भी इसी प्रकार वार्डों का बंटवारा कर अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यहां वार्ड 1 से 7 तक अनुमंडल पदाधिकारी डुमरांव, वार्ड 8 से 14 तक भूमि सुधार उप समाहर्ता डुमरांव, वार्ड 15 से 21 तक कार्यपालक दंडाधिकारी डुमरांव को निगरानी का दायित्व दिया गया है।इसके अलावा वार्ड 22 से 28 तक प्रखंड विकास पदाधिकारी डुमरांव और वार्ड 29 से 35 तक अंचलाधिकारी-सह-राजस्व पदाधिकारी डुमरांव को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

--नगर पंचायतों में भी सख्त निगरानी
नगर पंचायत चौसा में वार्ड 1 से 7 तक की निगरानी प्रखंड विकास पदाधिकारी चौसा करेंगे, जबकि वार्ड 8 से 14 तक अंचलाधिकारी चौसा को जिम्मेदारी दी गई है।इसी प्रकार नगर पंचायत इटाढ़ी में वार्ड 1 से 6 तक प्रखंड विकास पदाधिकारी इटाढ़ी तथा वार्ड 7 से 11 तक अंचलाधिकारी इटाढ़ी को साफ-सफाई व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।नगर पंचायत ब्रह्मपुर में भी वार्ड-वार निगरानी की व्यवस्था की गई है। यहां वार्ड 1 से 7 तक प्रखंड विकास पदाधिकारी ब्रह्मपुर और वार्ड 8 से 13 तक अंचलाधिकारी ब्रह्मपुर निगरानी करेंगे।

--जियो टैग फोटो से होगी मॉनिटरिंग
जिलाधिकारी ने सभी नामित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नियमित अंतराल पर अपने-अपने वार्डों का भ्रमण कर साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करें। यदि कहीं कचरा या गंदगी दिखाई देती है तो उसकी जियो टैग फोटो तुरंत नगर निकाय के व्हाट्सऐप ग्रुप में डालनी होगी, ताकि स्थिति का त्वरित संज्ञान लिया जा सके।फोटो अपलोड होने के बाद संबंधित नगर परिषद या नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को 24 घंटे के भीतर कचरा उठवाकर उस स्थान की सफाई सुनिश्चित करनी होगी। इसके बाद साफ किए गए स्थल की फोटो भी ग्रुप में साझा करनी होगी, जिससे कार्रवाई की पुष्टि हो सके।

--लापरवाही पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि किसी स्थान से कचरा हटाने में लापरवाही बरती गई या तय समय सीमा में सफाई नहीं कराई गई तो संबंधित नगर परिषद या नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से नगर निकाय क्षेत्रों में साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा और शहरों को कचरा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया जा सकेगा।
