__ सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद वाराणसी में चल रहा था इलाज, बुधवार को ली अंतिम सांस; अपने मिलनसार और हंसमुख स्वभाव से सबके दिलों में बनाई थी खास जगह
केटी न्यूज/ब्रह्मपुर।
शिक्षकों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहने वाले, अपने हंसमुख और मिलनसार स्वभाव से हर किसी के चेहरे पर मुस्कान बिखेरने वाले मध्य विद्यालय कैथी, ब्रह्मपुर के प्रधानाध्यापक डॉ. जितेंद्र मिश्र अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके असामयिक निधन की खबर से पूरे शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन से शिक्षकों, शुभचिंतकों और परिचितों के बीच गहरा दुख व्याप्त है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉ. जितेंद्र मिश्र सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए वाराणसी में उनका इलाज कराया जा रहा था।

चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र के शिक्षकों और सामाजिक लोगों में शोक छा गया।डॉ. जितेंद्र मिश्र केवल एक शिक्षक और प्रधानाध्यापक ही नहीं, बल्कि अपने सहकर्मियों के लिए सुख-दुख के सच्चे साथी भी थे। उनका सहज व्यवहार, सदैव हंसते-मुस्कराते रहने का अंदाज और सबके साथ आत्मीयता से पेश आने का स्वभाव उन्हें दूसरों से अलग पहचान देता था। वे अपने व्यवहार से लोगों के दिलों में खास जगह बना चुके थे।

उनके साथ काम करने वाले शिक्षक उन्हें एक ऐसे साथी के रूप में याद कर रहे हैं, जिनकी मौजूदगी से माहौल में अपनापन और सकारात्मकता बनी रहती थी।बताया जाता है कि डॉ. जितेंद्र मिश्र बक्सर के चर्चित शिक्षाविद् एवं प्रोफेसर डॉ. श्यामजी मिश्र के छोटे भाई थे। उनके निधन को शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके जाने से न सिर्फ एक समर्पित शिक्षक का साथ छूटा है, बल्कि एक ऐसा हंसमुख व्यक्तित्व भी हमेशा के लिए विदा हो गया, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।





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