केटी न्यूज/नावानगर
लोकआस्था के महापर्व छठ की सांस्कृतिक छटा सोनवर्षा स्थित द एमिटी स्कूल के परिसर में देखने को मिली। छठ पूजा के अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने आकर्षक झांकी प्रस्तुत कर बिहार की गौरवशाली परंपरा और धार्मिक संस्कृति को अनूठे अंदाज में प्रदर्शित किया। छात्राओं की प्रस्तुति के माध्यम से छठ महापर्व की धार्मिक मान्यताओं, पारंपरिक रीति-रिवाजों और सामाजिक महत्व को दर्शाया गया।कार्यक्रम में छात्राओं ने छठ व्रत से जुड़ी विभिन्न परंपराओं को अपनी प्रस्तुति में शामिल किया। पारंपरिक परिधान, पूजा सामग्री, सूप, दउरा और सूर्य को अर्घ्य देने की झलक ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया।

झांकी के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि छठ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम को देखने के लिए शिक्षक और विद्यार्थी उत्साहित नजर आए। इस मौके पर विद्यालय के डायरेक्टर अमरेन्द्र राजेश ने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपरा और विरासत से परिचित कराना बेहद जरूरी है।

छठ महापर्व हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, स्वच्छता, पवित्रता, अनुशासन और पारिवारिक एकजुटता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ ऐसे आयोजनों के जरिए बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उनमें सांस्कृतिक मूल्यों का विकास करने का प्रयास किया जाता है। छात्राओं की प्रस्तुति ने छठ महापर्व के प्रति श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बनाया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय ने बच्चों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े रहने का संदेश दिया।




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