डीके कॉलेज में नए विद्यार्थियों का हुआ अभिनंदन, बेहतर भविष्य के लिए दिखाई गई राह
कॉलेज में दाखिले के साथ ही विद्यार्थियों के सामने पढ़ाई, शैक्षणिक गतिविधियों और भविष्य की तैयारियों को लेकर कई तरह के सवाल होते हैं। इन्हीं सवालों का समाधान करने और नए विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक माहौल से जोड़ने की पहल के तहत शुक्रवार को डीके कॉलेज, डुमरांव में प्रथम बार इंडक्शन मीट का आयोजन किया गया।

__ सत्र 2026-30 के विद्यार्थियों के लिए पहली बार आयोजित हुआ इंडक्शन मीट, कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था, सुविधाओं और अनुशासन से कराया गया अवगत
केटी न्यूज/डुमरांव।
कॉलेज में दाखिले के साथ ही विद्यार्थियों के सामने पढ़ाई, शैक्षणिक गतिविधियों और भविष्य की तैयारियों को लेकर कई तरह के सवाल होते हैं। इन्हीं सवालों का समाधान करने और नए विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक माहौल से जोड़ने की पहल के तहत शुक्रवार को डीके कॉलेज, डुमरांव में प्रथम बार इंडक्शन मीट का आयोजन किया गया। सत्र 2026-2030 में नामांकित छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में सभी विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान प्राचार्या प्रो. वीणा कुमारी सहित महाविद्यालय के शिक्षकों ने नवागत विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें कॉलेज की शैक्षणिक परंपरा और उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को महाविद्यालय में संचालित पठन-पाठन की व्यवस्था, विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली और उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। शिक्षकों से परिचय कराने के साथ ही सभी विभागों की वर्ग संचालन समय-सारणी भी उपलब्ध कराई गई, ताकि विद्यार्थी नियमित रूप से कक्षाओं में शामिल होकर अपनी पढ़ाई को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकें।इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. वीणा कुमारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मां धरिक्षणा कुँवरी महाविद्यालय शिक्षा का ऐसा महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां से पढ़कर डुमरांव और आसपास के क्षेत्रों के अनेक विद्यार्थियों ने देश के विभिन्न बड़े पदों पर अपनी पहचान बनाई है।उन्होंने कहा कि महाविद्यालय की गौरवशाली शैक्षणिक परंपरा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब नए विद्यार्थियों के कंधों पर है।

सभी छात्र-छात्राएं नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहें और उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का भरपूर लाभ उठाकर अपने भविष्य को नई दिशा दें।उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति गंभीर रहने और महाविद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को फीडबैक फॉर्म भी उपलब्ध कराया गया, जिसे उन्होंने भरकर जमा किया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया और सुझाव प्राप्त किए गए।कार्यक्रम का प्रबंधन डॉ. जमील अख्तर ने किया, जबकि मंच संचालन भूगोल विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. रवि रंजन पाण्डेय ने किया। हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. रमेश कुमार यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मौके पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी, छात्र-छात्राएं सहित संपूर्ण महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।


