डुमरांव अनुमंडल के तीन होनहारों ने लहराया सफलता का परचम, बीपीएससी में मिली बड़ी कामयाबी

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम ने डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ा दी है। क्षेत्र के तीन प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर सफलता हासिल कर पूरे इलाके का नाम रोशन किया है।

डुमरांव अनुमंडल के तीन होनहारों ने लहराया सफलता का परचम, बीपीएससी में मिली बड़ी कामयाबी

__ चौगाईं के रौनक कुमार बने आरडीओ, डुमरांव की ज्योति कुमारी को मिला एससी-एसटी कल्याण पदाधिकारी का पद, मनपा के मुरारी यादव बने बीडीओ

केटी न्यूज/डुमरांव।

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम ने डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ा दी है। क्षेत्र के तीन प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर सफलता हासिल कर पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। चौगाईं के रौनक कुमार, डुमरांव गड़ेरि टोला की ज्योति कुमारी और मनपा गांव के मुरारी यादव ने बीपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर अलग-अलग पदों पर चयन हासिल किया है। तीनों की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।चौगाईं के लाल रौनक कुमार ने पहले प्रयास में रचा इतिहास, बने आरडीओ चौगाईं गांव के उत्तरपट्टी निवासी  उमेश सिंह के पुत्र रौनक कुमार ने बीपीएससी 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 622वीं रैंक हासिल कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

खास बात यह है कि रौनक ने यह सफलता अपने पहले ही प्रयास में हासिल की। उन्हें  राजस्व पदाधिकारी पद के लिए चयनित किया गया है।रौनक की सफलता को स्वाध्याय और कठिन परिश्रम का बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है। उन्होंने बिना किसी कोचिंग संस्थान की सहायता के केवल आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया।रौनक की प्रारंभिक एवं स्कूली शिक्षा डेनोबिल स्कूल चंद्रपुरा, धनबाद (झारखंड) से हुई। इसके बाद उन्होंने बीएन कॉलेज पटना से स्नातक तथा दरभंगा हाउस पटना से एमए और नेट-जीआरफ की डिग्री हासिल की।रौनक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता रेणु सिंह और उमेश सिंह को दिया है। उन्होंने कहा कि परिवार के सहयोग, प्रोत्साहन और विश्वास ने उन्हें लक्ष्य तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई।चौगाईं में रौनक की सफलता के बाद जश्न का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि रौनक बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज थे और उनकी मेहनत ने आज उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।

__ डुमरांव गड़ेरि टोला की ज्योति कुमारी बनीं एससी-एसटी कल्याण पदाधिकारी

डुमरांव नगर के गड़ेरि टोला निवासी ज्योति कुमारी ने भी बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। ज्योति को प्रखंड एससी-एसटी कल्याण पदाधिकारी के पद पर चयनित किया गया है।ज्योति की सफलता खास इसलिए भी है क्योंकि उन्होंने नौकरी करते हुए और स्वाध्याय के बल पर यह उपलब्धि हासिल की। वे रेलवे विभाग में ट्रेन प्रबंधक के पद पर कार्यरत थीं और सेवा के साथ-साथ उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखी।ज्योति की माता सरकारी अस्पताल में नर्स के पद पर कार्यरत थीं, जो अब सेवानिवृत्त हो चुकी हैं।

उनके पति भी रेलवे विभाग में कार्यरत हैं। ज्योति ने अपनी सफलता में परिवार के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया है।दो भाइयों के बीच ज्योति सबसे छोटी और इकलौती बहन हैं। उनके पिता किसान हैं और मूल रूप से जहानाबाद जिले के रहने वाले हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद ज्योति ने मेहनत के दम पर सफलता हासिल कर साबित किया कि मजबूत इच्छाशक्ति से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

__ मनपा गांव के मुरारी यादव बने बीडीओ

डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र के मनपा गांव निवासी मुरारी यादव ने भी बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर इलाके का गौरव बढ़ाया है। मुरारी यादव ने बीडीओ (प्रखंड विकास पदाधिकारी) पद प्राप्त किया है।मुरारी यादव ने अपनी मेहनत और तैयारी के बल पर यह सफलता हासिल की। उनकी उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें लगातार बधाई दे रहे हैं।

__ डुमरांव अनुमंडल के लिए गौरव का क्षण

बीपीएससी 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में कुल 2027 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। यह परीक्षा बिहार लोक सेवा आयोग के इतिहास की बड़ी परीक्षाओं में शामिल रही, जिसमें 2035 पदों के लिए चयन प्रक्रिया आयोजित की गई थी। परीक्षा में श्रद्धा पांडे ने 593 अंक प्राप्त कर राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया है।डुमरांव अनुमंडल के तीन युवाओं की सफलता ने क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। रौनक, ज्योति और मुरारी की उपलब्धि यह संदेश देती है कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ बिना कोचिंग के भी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की जा सकती है।