भावनाओं की समझ से लैंगिक समानता तक, शिक्षकों को संवेदनशील बनाने की पहल

शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में बेहतर सोच, संवेदनशील व्यवहार और मानवीय मूल्यों का विकास करना भी है। इसी सोच को धरातल पर उतारने के लिए बक्सर जिला प्रशासन और जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से भावनात्मक बुद्धिमत्ता एवं लैंगिक संवेदनशीलता पर जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

भावनाओं की समझ से लैंगिक समानता तक, शिक्षकों को संवेदनशील बनाने की पहल

__ एमपी उच्च विद्यालय में आज चार घंटे का जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम, स्व-जागरूकता, संवेग प्रबंधन और सहानुभूति पर होगा मंथन

केटी न्यूज/बक्सर।

शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में बेहतर सोच, संवेदनशील व्यवहार और मानवीय मूल्यों का विकास करना भी है। इसी सोच को धरातल पर उतारने के लिए बक्सर जिला प्रशासन और जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से भावनात्मक बुद्धिमत्ता एवं लैंगिक संवेदनशीलता पर जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मिशन ज्ञानार्जन के तहत 10 अक्टूबर को एमपी उच्च विद्यालय, बक्सर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में भावनाओं को समझने, संवेगों पर नियंत्रण रखने और लैंगिक समानता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

इस कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय परिसर स्थित कार्यालय कक्ष में बैठक हुई। इसमें कार्यक्रम के आयोजन और उसकी रूपरेखा की समीक्षा की गई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शनिवार को पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 2 बजे तक चलने वाले इस उन्मुखीकरण सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को आत्म-जागरूकता, सहानुभूति, पारस्परिक सम्मान और समावेशी व्यवहार के महत्व से अवगत कराया जाएगा।

__ भावनाओं को समझने और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव पर जोर

कार्यक्रम में माइंडफुलनेस एवं स्व-चिंतन के जरिए मानसिक शांति, वर्तमान क्षण के प्रति सजगता और आत्म-जागरूकता विकसित करने पर चर्चा होगी। आत्म-परिचय एवं आत्म-छवि से जुड़े सत्र में सामाजिक अपेक्षाओं, व्यक्तिगत पहचान और व्यक्ति के सोचने-समझने के तरीके पर विमर्श किया जाएगा। वहीं, भावनात्मक बुद्धिमत्ता के तहत अपनी भावनाओं को पहचानने, कठिन परिस्थितियों में संवेगों को नियंत्रित करने तथा दूसरों की भावनाओं को समझने की क्षमता विकसित करने पर बल दिया जाएगा।

__ लैंगिक समानता और सम्मानजनक व्यवहार का संदेश

उन्मुखीकरण कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पक्ष लैंगिक संवेदनशीलता भी है। इसके तहत लैंगिक समानता, आपसी सम्मान और बिना किसी भेदभाव के व्यवहार करने की जरूरत को रेखांकित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को ऐसा दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करना है, जिससे शैक्षणिक संस्थानों में सभी के लिए सम्मानजनक, सुरक्षित और सहयोगपूर्ण माहौल विकसित हो सके।जिला प्रशासन के अनुसार, मिशन ज्ञानार्जन के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक सोच, भावनात्मक परिपक्वता और संवेदनशील व्यवहार को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम शैक्षणिक वातावरण को अधिक समावेशी बनाने और शिक्षा से जुड़े लोगों में मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने की दिशा में उपयोगी साबित होंगे।