इटाढ़ी गुमटी खुलवाने के लिए रेल रोको आंदोलन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिरासत में, भड़के पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी
इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को दोबारा खोलने की मांग को लेकर शुक्रवार को हुआ रेल रोको आंदोलन अब सियासी टकराव का रूप लेता दिख रहा है। आंदोलन में शामिल होने पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

__ रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मांग पर 25 मिनट थमा हावड़ा-दिल्ली रेलमार्ग, पुलिस कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस का विरोध; मगध एक्सप्रेस समेत तीन ट्रेनें प्रभावित
केटी न्यूज/बक्सर।
इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को दोबारा खोलने की मांग को लेकर शुक्रवार को हुआ रेल रोको आंदोलन अब सियासी टकराव का रूप लेता दिख रहा है। आंदोलन में शामिल होने पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पुलिस की कार्रवाई से नाराज पूर्व विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा करने की मांग की। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता स्नेहाशीष वर्धन ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन से जोड़ते हुए सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला।

दरअसल, इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग बंद होने और आरओबी के चालू नहीं होने से उत्पन्न जनसमस्या को लेकर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को बड़ी संख्या में आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय भी समर्थकों के साथ आंदोलन में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर बस से नगर थाना भेज दिया। इसके बाद मौके पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी।
__ जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी
हिरासत में लिए जाने से पहले कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एनडीए और भाजपा सरकार में आम लोगों को पुलिसिया दमन का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के कारण 26 करोड़ रुपये की लागत वाला आरओबी ध्वस्त हो गया, जबकि दूसरी ओर इटाढ़ी रेलवे फाटक बंद कर दिए जाने से लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है और रेलवे क्रॉसिंग खोले जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।

__ 25 मिनट तक थमा रेल परिचालन
आंदोलनकारियों ने हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर करीब 25 मिनट तक रेल चक्का जाम किया। इससे रेल परिचालन प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से बातचीत कर ट्रैक खाली कराने की कोशिश की। करीब दोपहर 12:10 बजे वार्ता के बाद आंदोलनकारियों ने ट्रैक खाली कर दिया, जिसके बाद परिचालन सामान्य हुआ।रेलवे परिचालन निरीक्षक विंध्याचल पांडे ने बताया कि आंदोलन के कारण करीब 25 मिनट तक रेल परिचालन बाधित रहा। इसकी वजह से मगध एक्सप्रेस, एक पैसेंजर ट्रेन और डाउन दिशा की एक अन्य ट्रेन प्रभावित हुई।

__ प्रशासन ने कहा- बातचीत से निकलेगा समाधान
रेल एएसपी भास्कर रंजन ने कहा कि आंदोलनकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है और उनकी मांगों के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। सदर एसडीपीओ गौरव पांडे ने बताया कि आंदोलन की पूर्व सूचना प्रशासन को थी, जिसके मद्देनजर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। समझौते के बाद स्थिति को जल्द सामान्य कर लिया गया।
__ फाटक बंद, आरओबी अधूरा; बढ़ती जा रही परेशानी
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे दलित अति पिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा के जिला संयोजक सरोज राजभर ने कहा कि रेलवे फाटक बंद होने और आरओबी चालू नहीं होने से हजारों लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। कांग्रेस नेता हरिशंकर त्रिवेदी उर्फ गोपाल त्रिवेदी ने कहा कि रेलवे लाइन के दोनों ओर बड़ी आबादी है और अधिकांश स्कूल-कॉलेज दूसरी तरफ होने के कारण छात्रों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।प्रदर्शनकारी सुरेश आजाद और जितेंद्र कुमार ने कहा कि 13 जुलाई से शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद समस्या के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई। इसी कारण रेल रोको आंदोलन का निर्णय लेना पड़ा। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग नहीं खुलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

