रामरेखा घाट पर मौत का जाल: गंगा में समाए दो युवक, एक जिंदगी से जूझ रहा
रविवार की दोपहर शहर के रामरेखा घाट पर खुशियों से भरा एक सामान्य दिन अचानक मातम में बदल गया। मछली पकड़ने गए चार दोस्त गंगा नदी की तेज धारा और गहराई का शिकार हो गए। देखते ही देखते हंसी-ठिठोली का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। इस दर्दनाक हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है जिसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है, जबकि एक अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
__ मछली पकड़ने गए चार दोस्त हादसे का शिकार, सीढ़ियों के पास गहरे पानी में फंसे, इलाके में पसरा मातम
केटी न्यूज/बक्सर
रविवार की दोपहर शहर के रामरेखा घाट पर खुशियों से भरा एक सामान्य दिन अचानक मातम में बदल गया। मछली पकड़ने गए चार दोस्त गंगा नदी की तेज धारा और गहराई का शिकार हो गए। देखते ही देखते हंसी-ठिठोली का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। इस दर्दनाक हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है जिसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है, जबकि एक अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।जानकारी के अनुसार शहर के सिविल लाइन पंजाबी मोहल्ला निवासी नरेश भर के पुत्र संजू (40 वर्ष), मल्लाहटोली के राजाराम चौधरी के पुत्र महावीर (20 वर्ष), गोपाल चौधरी के पुत्र आकाश कुमार (18 वर्ष) तथा सुरज कुमार (17 वर्ष) रविवार की दोपहर मछली पकड़ने के उद्देश्य से रामरेखा घाट पहुंचे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घाट की सीढ़ियों के पास पानी अधिक गहरा था। मछली पकड़ने के दौरान तीन युवक नीचे की ओर फिसलकर गहराई में चले गए और पानी में फंस गए।बताया जा रहा है कि अचानक संतुलन बिगड़ने से वे गहरे पानी में चले गए और खुद को संभाल नहीं सके। एक युवक को बचाने के प्रयास में दूसरा भी डूबने लगा। कुछ ही पलों में चारों पानी में छटपटाने लगे। घाट पर मौजूद लोगों ने जब युवकों को डूबते देखा तो अफरातफरी मच गई। तत्काल इसकी सूचना टाउन थाना पुलिस को दी गई।सूचना मिलते ही टाउन थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद चारों युवकों को पानी से बाहर निकाला गया।

आनन-फानन में उन्हें सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद संजू और महावीर को मृत घोषित कर दिया। आकाश कुमार की स्थिति नाजुक देख उसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। सुरज कुमार को इलाज के बाद घर भेज दिया गया।घटना की खबर मिलते ही मल्लाहटोली और पंजाबी मोहल्ले में कोहराम मच गया। परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचने लगे। जिन घरों से सुबह युवक हंसते हुए निकले थे, वहां शाम होते-होते सन्नाटा और चीख-पुकार गूंजने लगी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि रामरेखा घाट पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। घाट की कुछ सीढ़ियों के पास अचानक गहराई बढ़ जाती है, जिससे अनजान लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं।

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि घाट पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।टाउन थाना पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घटना के कारणों का बारीकी से पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर इसे हादसा माना जा रहा है।रविवार की इस त्रासदी ने एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मछली पकड़ने या स्नान के लिए जाने वाले लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।रामरेखा घाट की यह घटना शहरवासियों के लिए गहरा सबक बन गई है—गंगा की धारा शांत दिखे, लेकिन उसकी गहराई और प्रवाह को कमतर आंकना भारी पड़ सकता है।

