67 दिनों की जनजागरण यात्रा के बाद मठीला पहुंचे संत पंकज जी महाराज, युवाओं को नशामुक्ति और सदाचार का दिया संदेश

67 दिनों तक बिहार के विभिन्न जिलों में जनजागरण अभियान चलाने के बाद संत पंकज जी महाराज सोमवार को डुमरांव प्रखंड के मठीला गांव पहुंचे, जहां श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत किया। डीजे, ढोल-नगाड़ों, आरती और पुष्पवर्षा के बीच निकली यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा शामिल हुए।

67 दिनों की जनजागरण यात्रा के बाद मठीला पहुंचे संत पंकज जी महाराज, युवाओं को नशामुक्ति और सदाचार का दिया संदेश

__ भजन, शाकाहार और संस्कार को बताया जीवन सुधार का आधार, मथुरा भंडारा मेले में शामिल होने का किया आह्वान

केटी न्यूज/डुमरांव 

67 दिनों तक बिहार के विभिन्न जिलों में जनजागरण अभियान चलाने के बाद संत पंकज जी महाराज सोमवार को डुमरांव प्रखंड के मठीला गांव पहुंचे, जहां श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत किया। डीजे, ढोल-नगाड़ों, आरती और पुष्पवर्षा के बीच निकली यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा शामिल हुए।संत पंकज जी महाराज ने अपने प्रवचन में युवाओं के बीच बढ़ती नशाखोरी, मांसाहार और बदलती जीवनशैली पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आधुनिक खानपान और नशे की प्रवृत्ति समाज में चरित्र पतन का बड़ा कारण बन रही है। चरित्र को मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए उन्होंने लोगों से शाकाहार, सदाचार और संयम अपनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी व्यक्ति भगवान का भजन कर सकता है। खेती, व्यापार और नौकरी के बीच थोड़ा समय निकालकर ईश्वर स्मरण करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। उन्होंने लोगों से सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर परिवार और समाज में संस्कारयुक्त वातावरण बनाने का आग्रह किया।संत पंकज जी ने कहा कि बिहार धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना वाला प्रदेश है। यहां के लोग यदि खानपान और व्यवहार में सुधार करें तो समाज में बड़ा परिवर्तन संभव है। उन्होंने अपने गुरु परम संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के संदेशों का उल्लेख करते हुए लोगों को नैतिक जीवन अपनाने की प्रेरणा दी।

इस दौरान उन्होंने 17 से 21 मई तक मथुरा स्थित जयगुरुदेव आश्रम में आयोजित वार्षिक भंडारा सत्संग मेले में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।मौके पर जिलाध्यक्ष मधुबन चौधरी, संजय सिंह, बब्बन सिंह, हरेराम महतो, सरोज सिंह, गीता देवी, राजदुलारी, बीएल मौर्य, रमाकांत चौहान, गोरख, जगदीश, शंभूनाथ वर्मा और डॉ. दयाशंकर सहित कई लोग मौजूद रहे।