पेप्सी प्लांट व कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा का अभ्यास, मॉकड्रिल से दिया गया सतर्कता का संदेश

अग्नि सुरक्षा सप्ताह के छठे दिन डुमरांव अग्निशामालय द्वारा क्षेत्र के औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं कोचिंग संस्थानों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाते हुए निकासी अभ्यास और मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान नवानगर स्थित पेप्सी प्लांट में विशेष रूप से सुरक्षा मानकों की जानकारी दी गई तथा आपातकालीन स्थिति में त्वरित निकासी का अभ्यास कराया गया।

पेप्सी प्लांट व कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा का अभ्यास, मॉकड्रिल से दिया गया सतर्कता का संदेश

__ डुमरांव अग्निशामालय की पहल, पदाधिकारी शिखा कुमारी बोलीं—आपदा में घबराहट नहीं, सजगता ही सबसे बड़ा बचाव

केटी न्यूज/डुमरांव

अग्नि सुरक्षा सप्ताह के छठे दिन डुमरांव अग्निशामालय द्वारा क्षेत्र के औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं कोचिंग संस्थानों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाते हुए निकासी अभ्यास और मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान नवानगर स्थित पेप्सी प्लांट में विशेष रूप से सुरक्षा मानकों की जानकारी दी गई तथा आपातकालीन स्थिति में त्वरित निकासी का अभ्यास कराया गया।मॉकड्रिल के दौरान प्लांट में कार्यरत मजदूरों, कर्मचारियों एवं अन्य कर्मियों को बताया गया कि यदि किसी प्रकार की आगजनी, गैस रिसाव या अन्य दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न हो जाए तो घबराने के बजाय तुरंत अपना कार्य छोड़कर निर्धारित असेम्बली प्वाइंट पर एकत्रित हों। इससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल गए हैं या नहीं।

कार्यक्रम का नेतृत्व अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी डुमरांव शिखा कुमारी ने किया। उन्होंने कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्रों के उपयोग, प्राथमिक बचाव उपायों, आपदा के समय संयम बनाए रखने तथा सामूहिक सुरक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मॉकड्रिल के दौरान कई कर्मचारियों ने स्वयं अग्निशमन यंत्र का प्रयोग कर आग बुझाने का अभ्यास भी किया।अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी शिखा कुमारी ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों, फैक्ट्रियों और कोचिंग संस्थानों में बड़ी संख्या में लोग एक साथ मौजूद रहते हैं। ऐसे स्थानों पर यदि कभी दुर्घटना होती है तो समय पर सही निर्णय और व्यवस्थित निकासी कई जिंदगियां बचा सकती है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल मॉकड्रिल कराना नहीं, बल्कि लोगों में सुरक्षा के प्रति व्यवहारिक समझ विकसित करना है।

उन्होंने आगे कहा कि अक्सर हादसों के समय लोग घबरा जाते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है। यदि पहले से प्रशिक्षण हो और सभी को अपनी जिम्मेदारी का पता हो तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसी सोच के साथ अग्निशमन विभाग लगातार विभिन्न संस्थानों में पहुंचकर प्रशिक्षण दे रहा है।जिला अग्निशमन पदाधिकारी सुबास कुमार सिंह के निर्देश पर आयोजित इस अभियान को कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने सराहा। लोगों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम समय-समय पर होते रहने चाहिए, ताकि किसी भी आपदा के समय लोग खुद को और दूसरों को सुरक्षित निकाल सकें।डुमरांव अग्निशामालय की इस पहल ने यह संदेश दिया कि सुरक्षा केवल नियमों से नहीं, बल्कि तैयारी और जागरूकता से सुनिश्चित होती है।