दो मासूमों की मौत पर फूटा जनाक्रोश, घंटों ठप रहा कोल डिपो का काम
थर्मल पावर प्लांट क्षेत्र में करंट लगने से दो मासूम बच्चों की मौत के बाद महादलित बस्ती के लोगों का गुस्सा गुरुवार को सड़कों पर उतर आया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्लांट के कोल डिपो पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और मुआवजा व रोजगार की मांग को लेकर कोयला लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य घंटों बाधित कर दिया।


__ मुआवजा और रोजगार की मांग पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, प्रशासन के आश्वासन के बाद बहाल हुआ परिचालन
केटी न्यूज/चौसा
थर्मल पावर प्लांट क्षेत्र में करंट लगने से दो मासूम बच्चों की मौत के बाद महादलित बस्ती के लोगों का गुस्सा गुरुवार को सड़कों पर उतर आया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्लांट के कोल डिपो पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और मुआवजा व रोजगार की मांग को लेकर कोयला लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य घंटों बाधित कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्लांट में कोयला ले जाने वाले मुख्य मार्ग को भी जाम कर दिया, जिससे कोल परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो गई।बताया जाता है कि मंगलवार को कोल डिपो के समीप स्थित एक पुलिया के नीचे करंट की चपेट में आने से दो बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल था।

गुरुवार को महादलित बस्ती के दर्जनों महिला-पुरुष एकजुट होकर कोल डिपो पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के साथ-साथ मृत बच्चों के परिजनों को न्याय मिलना चाहिए।ग्रामीणों ने मांग रखी कि दोनों मृतक बच्चों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए तथा प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को थर्मल पावर प्लांट में स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना था कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर इस घटना ने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है और केवल सांत्वना से उनकी भरपाई संभव नहीं है।

प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। सूचना मिलने पर सीआईएसएफ के जवान मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि घटना के बाद संबंधित ठेकेदार द्वारा दोनों परिवारों को मात्र 10-10 हजार रुपये देकर मामले को शांत कराने की कोशिश की गई, जिससे लोगों में और अधिक नाराजगी फैल गई।आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रंजन राय ने कहा कि दो मासूम बच्चों की मौत बेहद दुखद और गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को सम्मानजनक मुआवजा और रोजगार दिए बिना आंदोलन समाप्त नहीं होगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन भी सक्रिय हुआ। अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरव पांडेय मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। अधिकारियों ने घटना की जांच कराने तथा पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद ग्रामीण शांत हुए और धरना-प्रदर्शन समाप्त किया गया।प्रदर्शन समाप्त होने के बाद कोल डिपो में लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य पुनः शुरू कराया गया तथा कोयला परिवहन सामान्य हो सका। हालांकि, क्षेत्र में अब भी घटना को लेकर लोगों में आक्रोश बना हुआ है और सभी की नजर प्रशासन द्वारा किए जाने वाले आगे के कदमों पर टिकी हुई है।

